चंडीगढ़ नगर निगम सदन में पास बजट को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। इस बीच यूटी प्रशासन ने एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष में तीन महीने की अवधि के लिए 300 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट को मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार नगर निगम अपनी अनिवार्य देनदारियों पर अगले तीन महीने तक प्रति माह 100 करोड़ रुपये खर्च कर सकेगा।
नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है। छह मार्च को आयोजित नगर निगम सदन की बैठक और उसमें पास किए गए बजट पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस वजह से नगर निगम को नए वित्तीय वर्ष में अपनी अनिवार्य देनदारियों पर भी खर्च करने का कोई अधिकार नहीं होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में नगर निगम ने कुछ दिनों पहले अंतरिम बजट पर अनुमति मांगी थी।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निगम को विभिन्न अनिवार्य देनदारियों को पूरा करने के लिए अपने स्वयं के राजस्व और अनुदान सहायता से प्रति माह 100 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से कर्मचारियों का वेतन, कचरा प्रसंस्करण पर खर्च, छोटे काम, कर और निविदा अनुबंध भुगतान शामिल हैं। 300 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट मिलने को लेकर निगम के अधिकारियों ने पुष्टि की है।
निगम के हाथ खाली, गैर जरूरी बिलों पर रोक
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त की तरफ से सभी एक्सइन, एमओएच, चीफ फायर ऑफिसर, एसडीओ ट्रांसपोर्ट व अन्य को एक पत्र जारी किया गया है। कहा है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए नगर निगम में धनराशि लगभग समाप्त हो गई है, इसलिए आयुक्त द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि अकाउंट ब्रांच में कोई नया बिल प्राप्त नहीं किया जाएगा। अनिवार्य देनदारियां जैसे वेतन/पेंशन, बिजली/टेलीफोन बिल, टीडीएस, जीएसटी आदि का ही भुगतान किया जाएगा। 31 मार्च तक अन्य बिल न जमा कराए जाएं।
हर महीने 100 करोड़ के अंतरिम बजट में कहां कितना खर्च
वेतन 23 करोड़ रुपये
वेजेज 10 करोड़ रुपये
पेंशन 4.90 करोड़ रुपये
कार्यालय व्यय एक करोड़ रुपये
पेट्रोल आदि 1.5 करोड़ रुपये
छोटे कार्य/रखरखाव 7.5 करोड़ रुपये
स्वच्छता व्यय दक्षिणी सेक्टर/मनीमाजरा 10.10 करोड़ रुपये
कचरा प्रसंस्करण 2 करोड़ रुपये
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 18 करोड़ रुपये
चल रहीं परियोजनाएं 12 करोड़ रुपये
कुल 100 करोड़ रुपये