चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2020-21 के लिए एक्साइज पॉलिसी की घोषणा कर दी है। नई पॉलिसी के अनुसार शहर में शराब महंगी हो जाएगी। जानकारी के अनुसार अंग्रेजी, देसी और बीयर की कीमत में करीब 10 से 20 फीसदी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। शहर में ठेकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा फाइव स्टार और इससे ऊपर के होटलों में अब 24 घंटे शराब परोसी जा सकेगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फाइव स्टार और उसके ऊपर कैटेगरी के होटलों में 24 घंटे शराब परोसे जाने की स्वीकृति दी गई है। साथ ही इन होटलों के कमरों में मिनी बार भी बना सकेंगे। इसके लिए अधिक लाइसेंस फीस देनी होगी, जिसे 12 से 15 लाख कर दिया गया है। बार और रेस्टोरेंट की लाइसेंस फीस में कोई इजाफा नहीं किया गया है।
पॉलिसी के अनुसार शराब के ठेकों के लाइसेंस ई-टेंडरिंग से किए जाएंगे। ऑनलाइन सिस्टम से ही परमिट और पास दिए जाएंगे। नई एक्साइज पॉलिसी 1 अप्रैल से लागू होगी। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को इस पॉलिसी को मंजूरी दी।
गो सेस लगने से बढ़ेंगे रेट
प्रशासन ने गो सेस भी लगा दिया है, जो 1 अप्रैल 2020 से लागू होगा। ये सेस कंट्री लिकर की 750 एमएल बोटल पर 5 रुपये, बीयर की 650 एमएल बोटल पर 5 रुपये, व्हिस्की की 750 एमएल बोटल पर 10 रुपये लगेगा। इससे पहले के मुकाबले लिकर के रेट्स में बढ़ोतरी होगी। इस सेस को लाइसेंसी द्वारा नगर निगम के बैंक अकाउंट में जमा करवाया जाएगा। इस सेस से नगर निगम को तकरीबन 18 करोड़ रुपये राजस्व मिलने की उम्मीद है।
बीयर, वाइन के लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी नहीं
कम अल्कोहलिक ड्रिंक्स जैसे बीयर, वाइन आदि को प्रमोट करने और इंडियन वाइन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस फीस को बढ़ाया नहीं गया है। इसके पूरे साल के लिए 12 हजार रुपये ही तय किए हैं। रेस्टोरेंट, पब्स और बार के लिए भी पिछले साल के मुकाबले रेट में बदलाव नहीं किया गया है।
जीएसटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड शॉप्स को इंपोर्टेड वाइन, इंडियन वाइन और इंपोर्टेड बीयर के लिए तय लाइसेंस एल-2डी के तहत लाइसेंस फीस 2 लाख रुपये ही रखी गई है। इस बार प्रशासन ने पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू को अधिक दर्शाया है। पिछले साल जहां रेवेन्यू 617 करोड़ था, वहीं इस साल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ इसे 680 करोड़ रुपये दर्शाया गया है।
विदेशी शराब का कोटा किया कम
नई पॉलिसी में इस बार इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) का कोटा 100 लाख प्रति लीटर ही रखा गया है इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। देशी शराब के कोटे को 8 लाख प्रति लीटर कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से विदेशी शराब का कोटा 4 लाख प्रति लीटर से घटाकर 3.30 लाख प्रति लीटर कर दिया गया है।
उक्त कटौती को शराब की तस्करी को रोकने के लिए किया गया है। प्रशासन ने ठेकों की संख्या भी बढ़ाकर 92 से 95 कर दी है। स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए सभी लाइसेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी शॉप्स के पास सफाई व्यवस्था बनाकर रखें। ऐसा न करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।