कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए चंडीगढ़ यूटी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हर तरह से तैयार है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसमें जन सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि टीके की खुराक महामारी से बचाव में मजबूत कड़ी साबित हो सकती है, क्योंकि टीका लगवाने के बाद संक्रमित होने पर उसकी गंभीरता का खतरा कम रहता है। इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द टीके की कम से कम एक खुराक लगवाकर खुद को सुरक्षित कर लें। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहर की 82 प्रतिशत चिह्नित आबादी को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है।
जनगणना और मतगणना को बनाया आधार
कोरोना टीकाकरण अभियान में लक्षित आबादी तय करने केलिए स्वास्थ्य विभाग ने 2011 की जनगणना केसाथ ही मतगणना की अपडेट सूची को आधार बनाया है, जिसके अनुसार शहर में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 6 लाख 35 हजार मानी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने उसमें 17 प्रतिशत विकास दर शामिल करते हुए इसे 7 लाख 29 हजार तय किया है। इसके आधार पर ही टीकाकरण किया जा रहा है।
15 अगस्त तय की गई है डेडलाइन
कोरोना टीकाकरण अभियान में शहर की चिह्नित आबादी को 15 अगस्त तक पहली खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों, सामाजिक व धार्मिक संस्थानों के साथ ही घर-घर जाकर टीका लगाया जा रहा है।
- डॉ. मंजीत त्रेहान, टीकाकरण अधिकारी
अब तक का टीकाकरण एक नजर में
18 साल से ऊपर की कुल लक्षित आबादी - 729822
अब तक इतनों को लगी पहली खुराक - 602826
अब तक इतनों को लगी दोनों खुराक - 185921
तीसरी लहर से बचाव केलिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि शहर की चिह्नित आबादी को टीके की एक खुराक जल्द से जल्द लगा दी जाए। इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से बचाव की तैयारी करने केसाथ जनता को भी टीका लगवाकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। -डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक