खाकी पर रिश्वत के दाग को यूटी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। महकमे को बदनामी से बचाने और घूसखोर पुलिस कर्मियों पर शिकंजा कसने को प्रशासन ने कड़े निर्देश दिए हैं। भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मियों के खिलाफ प्रभावी और कड़े कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है। बताते चलें कि हॉल ही में जिस प्रकार से रिश्वत लेने के मामले में कई पुलिस कर्मियों को सीबीआई ने रंगे हाथ पकड़ा है, उससे यूटी प्रशासन की छवि को धक्का लगा है। इससे आहत प्रशासन ने अब घूसखोर पुलिस कर्मियों पर नकेल कसने के लिए ठोस रणनीति बनाने के की बात कही है।
यूटी प्रशासक और पंजाब के गर्वनर वीपी सिंह बदनौर अपनी बेदाग कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, लेकिन बीते कुछ दिनों से पुलिस महकमे में जिस प्रकार से घूसखोरी के मामले सामने आ रहे हैं, उससे यूटी प्रशासन को बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ है। कई मामलों में तो सीबीआई ने रंगे हाथ पुलिस कर्मियों को घूस लेते हुए गिरफ्तार भी किया है। हैरानी की बात यह है कि विभाग केआलाधिकारी भी घूसखोर पुलिस कर्मियों पर अब तक कोई कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। यही वजह है कि अब प्रशासन ने खुद ही भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस विभाग को कहा है।
प्रशासन ने पुलिस महकमे के आलाधिकारियों से साफ-साफ कहा है कि पुलिस कर्मियों को ईमानदारी से काम करने की नसीहत दें। अगर विभाग ऐसा नहीं कर पा रहा है तो इसकी वजह बताएं। इसके लिए हॉल ही में प्रशासक ने यूटी प्रशासन और पुलिस विभाग के अफसरों की एक उच्चस्तरीय मीटिंग बुलाई थी, जिसमें घूसखोर पुलिस कर्मियों की कैसे पहचान की जाए और फिर इनसे कैसे निपटा जाए, इस पर प्रशासक की ओर से ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं।