पंजाब विश्वविद्यालय को चांसलर वेंकैया नायडू कार्यालय से नोटिस जारी हुआ है। उसमें पीयू से ऑनलाइन कक्षाओं की हकीकत जानी गई है। नोटिस आने के बाद पीयू प्रशासन उसका जवाब देने में जुटा है। सूत्रों का कहना है कि चांसलर को जवाब के जरिये संतुष्ट करना होगा। यदि छात्रों की बातें सही मिलीं तो फिर कार्रवाई के दायरे में भी पीयू आ सकता है।
पीयू की ओर से करवाई जा रही ऑनलाइन पढ़ाई पर पीयूसीएससी अध्यक्ष चेतन चौधरी ने सवाल खड़े किए थे। पीयू प्रशासन ने 15 दिन में परीक्षाएं खत्म करने की बात चांसलर के सामने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रखी थी। यह बात अध्यक्ष समेत छात्रों को पता लगी तो उनमें हड़कंप मच गया। छात्रों का कहना था कि एक तो उनकी पढ़ाई नहीं हो पा रही है और ऊपर से पीयू प्रशासन 15 दिन में एग्जाम करवाना चाहता है। इससे विद्यार्थियों का बड़ा नुकसान हो सकता है।
अध्यक्ष चेतन चौधरी ने चांसलर को पत्र लिखा था। उन्होंने ये सब बातें उसमें लिखीं। उन्होंने यह भी कहा कि पीयू की ओर से लगाई जा रही कक्षाओं में तमाम विद्यार्थी तकनीकी कारणों से शामिल नहीं हो पा रहे हैं, जबकि पीयू ने इसके बाद चांसलर को सब कुछ बेहतर चलने की बात कही थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि ऑनलाइन पढ़ाई की हकीकत जानें। जैसे ही वहां पत्र पहुंचा तो वहां से पीयू को नोटिस जारी हुआ है। जो शिकायत की गई है अब उसका जवाब मांगा गया है।