अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसानों को पराली जलाने से रोकने और दंडित करने के लिए राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री या शस्त्र लाइसेंस रद्द करने समेत अन्य कार्रवाई के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
केएस राजू लीगल ट्रस्ट की ओर से दायर जनहित याचिका में एक समाचार पत्र का हवाले से दावा किया है कि उपायुक्तों और पुलिस अधिकारियों ने पराली जलाने में लिप्त होने पर किसानों को भूमि रिकॉर्ड में रेड एंट्री और उनके शस्त्र लाइसेंस रद्द करने सहित बलपूर्वक कार्रवाई की चेतावनी दी है। याची ने कहा कि पंजाब सरकार ने मई 2023 में धान की फसल के अवशेषों को जलाने पर नियंत्रण के लिए एक कार्य योजना पेश की थी।
याचिका में कहा गया है कि सरकारी अधिकारी किसानों के खिलाफ बलपूर्वक कदम उठा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार की कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत भारत के प्रत्येक नागरिक को दी गई स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। याचिका में पंजाब सरकार को राज्य में पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए बलपूर्वक दृष्टिकोण अपनाने के बजाय अधिक वैध उपाय करने का निर्देश देने की मांग की गई है।