कांग्रेस के चार पूर्व मंत्रियों के खिलाफ विजिलेंस जांच पूरी कर चुकी है। धारा 19 के तहत इसके लिए राज्यपाल की मंजूरी होनी जरूरी है। अब राजपाल की मंजूरी के बाद चालान पेश होंगे।
पंजाब के चार पूर्व मंत्रियों ओपी सोनी, भारत भूषण आशू, साधु सिंह धर्मसोत और सुंदर शाम अरोड़ा के खिलाफ अब केस चलेगा। पंजाब पुलिस की जांच एजेंसियों ने राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर से इसकी मंजूरी ले ली है।
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इन दागी मंत्रियों के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो पहले से ही कार्रवाई कर रही है। यहां तक कि कुछ के खिलाफ ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। इन चारों दागी मंत्रियों के खिलाफ अब जांच एजेंसी चालान पेश कर, कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगी।
पूर्व मंत्री सुदंर शाम अरोड़ा ने अपने कार्यकाल में 10 अधिकारियों के साथ मिलकर इंडस्टि्रयल प्लॉट को रियल इस्टेट कंपनी को टाउनशिप डेवलप करने के लिए ट्रांसफर किया था। इस केस में विजिलेंस ने गुलमोहर टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड के तीन पार्टनरों को दबोचा था। वन घोटाला मामले और कर्मचारियों के ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत मामले में पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत पर आरोप हैं। पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू पर फूड सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन व टेंडर अलॉट कराने के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला में शामिल होने का आरोप है। इन सभी पूर्व मंत्रियों के खिलाफ जांच एजेंसी सभी सबूत और घोटाले से संबंधित कड़ी खंगाल चुकी है, अब चालान पेश कर केस चलाया जाएगा।