पंजाब विजिलेंस ने बठिंडा ग्रामीण से विधायक अमित रत्न कोटफत्ता और उसके पीए रिशम गर्ग के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा-7 व 7-ए और आइपीसी की धारा 120-बी के तहत बठिंडा रेंज के विजिलेंस पुलिस थाने में दर्ज केस के आधार पर मंगलवार को बठिंडा की अदालत में चालान पेश कर दिया गया है।
इस संबंध में विजिलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि 16 फरवरी 2023 को बठिंडा रेंज विजिलेंस ने बठिंडा ग्रामीण के विधायक के निजी सहायक को चार लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू करने के बाद भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान विधायक को भी 20 फरवरी 2023 को मामले में गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उसके पीए ने विधायक के नाम पर ही यह रिश्वत वसूल की थी।
उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से 2022-23 के दौरान 15वें वित्त आयोग के तहत गांव घुद्दा जिला बठिंडा को 25 लाख की ग्रांट जारी की गई थी, जो अभी पंचायत को देनी थी लेकिन निजी पीए रिशम गर्ग ने गांव घुद्दा के सरपंच से इसके एवज में पांच लाख रिश्वत की मांग की थी। विजिलेंस ने 16 फरवरी 2023 को उसे ग्रांट जारी करने की एवज में चार लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सरपंच ने उनकी तरफ से मांगे 50,000 रुपये पहले ही दे दिए थे।
प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि रिशम गर्ग ने रिश्वत विधायक अमित रत्न के निर्देश पर वसूली थी। इसके अलावा उसने गांव घुद्दा के गुरदास सिंह से उसके गांव की नंबरदारी दिलाने के बदले 2,50,000 रुपये की रिश्वत ली थी। जांच के दौरान हुए खुलासे के आधार पर विजिलेंस ने आईपीसी की 120-बी की एक और धारा जोड़ दी और मौजूदा केस में विधायक अमित रत्न को भी नामजद कर 22 फरवरी, 2023 को शंभू से गिरफ्तार कर लिया। दोनों मुलजिम न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। मामले की जांच जारी है।