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बब्बर खालसा के आतंकी तारा के खिलाफ अदालत में चालान

Wed, 04 Nov 2015 11:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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11 साल पुराने बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में बब्बर खालसा के चीफ जगतार सिंह तारा के खिलाफ अहम धाराओं के तहत चालान पेश किया गया। यूटी पुलिस ने देशद्रोह की धारा के लिए बठिंडा में दर्ज एक एफआईआर को आधार बनाया है। इसके अलावा उसके खिलाफ पंजाब और यूटी में आर्म्स और एमुनेशन के तहत कुल 6 केस दर्ज हैं।
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आरोप साबित होने के बाद तारा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा। बता दें कि तारा को इसी साल जनवरी में पंजाब पुलिस ने थाईलैंड पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे फरवरी में पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश किया था। इसके बाद से वह बुड़ैल जेल में है।

जेल ब्रेक मामले में सीजीएम कोर्ट में चालान पेश करने के दौरान अदालत ने पुलिस से देशद्रोह की धारा लगाने का आधार पूछा। क्योंकि तारा पर देशद्रोह की धारा के तहत उसकी रिमांड अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तारा के खिलाफ बठिंडा में दर्ज एक आपराधिक मामले में उसके खिलाफ देशद्रोह की धारा लगाई गई है।
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पुलिस के अनुसार उनकी गिरफ्त में आए एक आतंकी ने बताया था कि जेल से फरार होने के बाद तारा ने पाकिस्तान में आईएसआई से ट्रेनिंग ली थी। साथ ही वह आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहा है।

इन धाराओं के तहत पेश किया गया चालान

बब्बर खालसा चीफ तारा के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 121, 121ए, 217, 221, 222, 223, 224, 452, 457 और 120बी के तहत तहत चालान दायर किया है। पुलिस ने केस में 28 गवाह रखे हैं।

इनमें पटियाला के डीएसपी हर्षदीप, बुड़ैल जेल के सुपरिंटेंडेंट रहे सुभाष और जेल ब्रेक के दौरान बनाए गए अन्य गवाह शामिल हैं। साथ ही चालान में तारा की कंफेशन स्टेटमेंट को भी शामिल किया गया है।

इसमें तारा की ओर से कहा गया है कि वह बब्बर खालसा के लिए युवाओं को तैयार करता था। साथ ही वह पंजाब समेत देश के कई अन्य हिस्सों में हथियार और विस्फोटक सामग्री सप्लाई करता था। इनमें से कई हथियार और गोला बारूद वह पड़ोसी देश से मंगवाता था।
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पंजाब और यूटी में दर्ज हैं आधा दर्जन केस

पुलिस ने चालान में तारा के खिलाफ पंजाब और यूटी में दर्ज आधा दर्जन केस का रिकार्ड भी पेश किया है। इनमें सितंबर 2009 और 2012 में जालंधर में दर्ज केस, 2009 और 2013 में पटियाला में दर्ज 2 केस, बठिंडा में नवंबर 2014 में दर्ज केस का ब्योरा भी दिया है। ये सभी केस आर्म्स और एमुनेशन एक्ट के हैं। इसके अलावा यूटी में भी एक अन्य केस दर्ज है।

गुरमीत के नाम से रह रहा था
पंजाब पुलिस ने तारा को इसी साल 16 जनवरी को थाईलैंड पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे देश लाया गया था। 17 फरवरी को उसे यूटी पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन देशद्रोह की धारा लगी होने के कारण यूटी पुलिस को उसका आज तक रिमांड हासिल नहीं हो सका।

जिला अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक पुलिस की याचिका खारिज हुई। पुलिस के मुताबिक जेल से फरार होने के बाद तारा नेपाल के रास्ते पाक गया। कुछ समय वहां रहने के बाद वह वहां से थाईलैंड चला गया। वह पाक में गुरमीत सिंह के नाम से रह रहा था।
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