फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा में स्नैचिंग अब गैर जमानती अपराध

विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा ने सोमवार को संशोधन विधयेक पारित कर चैन स्नैचिंग को गैर जमानती अपराध घोषित किया है। सूबे में आए दिन स्नैचिंग की बढ़ती वारदात से महिला विधायक तंग आ चुकी हैं।
विज्ञापन


करनाल की कांग्रेस विधायक सुमिता सिंह ने स्नैचरों की पहचान के लिए कैमरे लगवाने की मांग की है। स्नैचिंग के मामले में सत्र कोर्ट द्वारा अपराधी को कम से कम पांच वर्ष और अधिक से अधिक दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें जुर्माने का भी प्रावधान होगा।

अगर स्नैचिंग के दौरान पीड़िता को चोट लगती है तो दोषी को कम से कम दस वर्ष (जिसे 15 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है) के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माना किया जा सकता है। हरियाणा विधानसभा ने इस संबंध में आईपीसी (हरियाणा संशोधन) विधेयक, 2014 और आपराधिक प्रक्रिया संहिता हरियाणा संशोधन विधेयक, 2014 पारित किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अथॉरिटी में अध्यक्ष सहित चार सदस्य होंगे

आपराधिक प्रक्रिया संहिता हरियाणा संशोधन विधेयक, 2014 के तहत स्नैचिंग की ऐसी घटनाएं जिनमें चोट लगी हो या गलत नियंत्रण या चोट लगने का भय हो, को हस्तक्षेप योग्य और गैर जमानती बनाया गया है।

पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी में अध्यक्ष सहित चार सदस्य होंगे स्टेट पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी और डिस्ट्रक्ट पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी को और सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा पुलिस संशोधन बिल 2014 पारित किया है। अभी तक अथॉरिटी में केवल एक व्यक्ति को नियुक्त किया जा सकता है। इस संशोधन से अथॉरिटी में अध्यक्ष सहित चार सदस्य होंगे।

मुख्यमंत्री की ओर से गठित की जाने वाली राज्य कमेटी की सिफारिशों पर ऐसे व्यक्तियों में से अथॉरिटी का अध्यक्ष एवं सदस्य नियुक्त किए जाएंगे। जिन्हें सार्वजनिक जीवन, शैक्षणिक, कानून, प्रशासन एवं शासन, आपराधिक प्रशासन एवं सामाजिक कार्य के क्षेत्र में व्यापक ज्ञान और कम से कम 20 वर्ष का अनुभव होगा। प्राधिकरण के चार सदस्यों में से कम से कम एक महिला सदस्य होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें