चंडीगढ़। शहर में फायरमैन भर्ती घोटाले की जांच में पुलिस ने अब सीएफएसएल के लिए नमूने भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ फायरकर्मियों के नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। हालांकि, अभी तक 29 फायरकर्मी पुलिस जांच में शामिल नहीं हुए हैं। पुलिस उनसे संपर्क करने में जुट गई है।
नगर निगम ने अब तक 22 कर्मचारियों का रिकॉर्ड पुलिस को नहीं दिया था। पुलिस का कहना है कि रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद सभी को जांच में शामिल किया जाएगा। जांच में पहले से ही गिरफ्तार तीन फायरकर्मियों की सीएफएसएल रिपोर्ट आई है जिसमें खुलासा हुआ कि उनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी। उनकी हैंडराइटिंग मैच नहीं हुई, जबकि तीनों ने फिजिकल टेस्ट खुद दिया था।
पुलिस ने एएसआई भर्ती परीक्षा में सोनीपत निवासी सतीश को असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सतीश ने कबूल किया कि उसने सोमवीर के साथ मिलकर फर्जी भर्तियां करवाईं। सतीश की निशानदेही पर दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया गया। जांच में रुकावट के बाद आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने जांच तेज करने के आदेश दिए थे। अब फायरमैन भर्ती घोटाले की सीएफएसएल रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर प्रशासन की नजर है।