सिटी ब्यूटीफुल पर हक के लिए पंजाब और हरियाणा आपस में लड़ रहे हैं। दोनों राज्यों का दावा है कि चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा से डेपुटेशन पर जाने के लिए कर्मचारियों का 60:40 का जो अनुपात तय किया गया है, उसे छीना जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार ने अब स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ में डेपुटेशन के लिए पंजाब और हरियाणा से किसी तरह कोई प्रतिशत तय ही नहीं है। लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल पर यह जवाब लिखित में दिया।
श्री खडूर साहिब से कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने पूछा कि पंजाब और हरियाणा से जो कर्मचारी डेपुटेशन पर चंडीगढ़ में जाकर काम करते हैं, क्या उसके लिए दोनों राज्यों का कोई प्रतिशत तय है। इस पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने साफ किया कि चंडीगढ़ प्रशासन में आईएएस, आईपीएस व विभागाध्यक्षों के कुछ पद गृह मंत्रालय और बाकी पद पंजाब और हरियाणा राज्य के अधिकारियों को डेपुटेशन पर लेकर भरे जाते हैं लेकिन इसके लिए कोई प्रतिशत निर्धारित नहीं किया गया था। इसके बाद सांसद जसबीर सिंह ने पूछा कि क्या चंडीगढ़ में डेपुटेशन पदों के लिए कोई विशिष्ट चयन पद्धति है। इस पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने जवाब दिया कि डेपुटेशन पद संबंधित पद व कैडर के भर्ती नियमों में निहित प्रावधानों के अनुसार ही भरे जाते हैं।
चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर सबसे ज्यादा पंजाब के कर्मचारी
सांसद गिल ने ये भी पूछा कि वर्तमान में चंडीगढ़ प्रशासन में कुल कितने कर्मचारियों को पंजाब-हरियाणा व अन्य राज्यों से डेपुटेशन पर बुलाया गया है जो अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गृह राज्यमंत्री ने जवाब दिया कि वर्तमान में चंडीगढ़ में प्रशासन, विभिन्न बोर्ड, निगम व अन्य में कुल 24858 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इनमें से 971 कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों के तहत डेपुटेशन पर हैं। इनमें से 602 कर्मचारी पंजाब से, 323 हरियाणा से और 46 अन्य राज्य, केंद्र शासित प्रदेश व गृह मंत्रालय से हैं। इनमें भी शिक्षा में ग्रुप-सी के कर्मचारी सबसे ज्यादा हैं।