संयुक्त सचिव शर्मा ने पंजाब सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। टीम में कृषि, प्रबंधन, जल शक्ति, ग्रामीण विकास समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल थे। मीटिंग में अतिरिक्ति मुख्य सचिव विश्वजीत खन्ना, प्रमुख सचिव सर्वजीत सिंह, सचिव जसप्रीत तलवाड़, हुसन लाल, कुमार राहुल व आरके कौशिक और रोपड़ के डिवीजनल कमिश्नर राहुल तिवारी भी मौजूद थे।
ऐसे हुआ नुकसान
केंद्रीय टीम को दिए मांग पत्र में पंजाब ने 1219.23 करोड़ का अनुमानित नुकसान दिखाया गया है। जिसमें बाढ़ प्रभावित जिलों के डिप्टी कमिश्नरों द्वारा 66.07 करोड़, बिजली विभाग द्वारा 5.37 करोड़, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) द्वारा 172.83 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 38.72 करोड़, विकास विभाग द्वारा 577.7 करोड़, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 72.64 करोड़, स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 57.07 करोड़, पशु पालन विभाग द्वारा 23.45 करोड़, जल स्रोत विभाग द्वारा 202.54 करोड़ और वाटर सप्लाई और सैनिटेशन विभाग द्वारा 2.84 करोड़ रुपये की रिपोर्ट पेश की गई है।
केंद्रीय टीम ने बाढ़ के दौरान प्रदेश में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए पहुंची है। टीम की ओर से चंडीगढ़ में माल विभाग के स्पेशल चीफ सचिव केएस सिद्दू के साथ बैठक करने के बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया। साथ ही यहां हुए नुकसान का जायजा लिया गया। केंद्रीय टीम सबसे पहले रोपड़ के गांव खैराबाद में पहुंची और बुधकी नदी के टूटे बांध का जायजा लिया। इस दौरान केंद्रीय टीम की अगुवाई कर रहे केंद्र सरकार के गृह मामलों के ज्वाइंट सेक्रेटरी अनुज शर्मा ने ग्रामीणों से बातचीत कर नुकसान के बारे में पूछा।
ग्रामीणों ने केंद्रीय टीम को बाढ़ का कारण नदी में लंबे समय से सफाई न होना बताया। टीम यहां पर कुछ मिनटों के लिए रुकी। इसके बाद केंद्रीय टीम की ओर से श्री आनंदपुर साहिब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया। इस दौरान टीम ने गांव लोधीपुर के टूटे बांध का भी जायजा लिया। साथ ही गांव चंदपुर, बुर्ज और हरसा बेला का भी दौरा किया गया। टीम द्वारा भाखड़ा बांध से सतलुज दरिया में छोड़े गए पानी से फसलों और मवेशियों के नुकसान का जायजा भी लिया गया। टीम की ओर से प्रभावित गांवों में हुए स्कूलों के नुकसान को भी देखा गया।