फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाट आंदोलनः मलिक गुट ने केंद्र के आरक्षण पर फंसाया पेंच, रखी ये मांग

Mon, 13 Feb 2017 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पंजाब के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जाटों के विरोध का सामना कर रही भाजपा के लिए हरियाणा के जाटों ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हरियाणा में आरक्षण व अन्य सात मांगों को लेकर पंद्रह दिन से धरनों पर डटे जाट आंदोलनकारी खट्टर सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय वार्ता समिति में केंद्र सरकार का भी एक प्रतिनिधि चाहते हैं।
विज्ञापन


जाट आंदोलनकारियों का तर्क है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जाट आरक्षण पर लगा स्टे हटने के बाद केंद्र सरकार उन्हें संविधान की नौवीं सूची में शामिल करने का पक्का आश्वासन दे। 

मामला केंद्र स्तर का है, इसलिए हरियाणा सरकार की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति इसे लेकर कोई वादा उनसे नहीं कर सकती। ऐसे में केंद्र सरकार का एक प्रतिनिधि समिति में जल्द शामिल किया जाए। शनिवार को पानीपत में समिति के साथ मांगों पर हुई चर्चा केदौरान भी अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने यह मांग उठाई है। 
विज्ञापन


 
विज्ञापन

जाट आंदोलनकारी पांच सदस्यीय समिति में चाह रहे केंद्र सरकार का एक प्रतिनिधि

Jat reservation - फोटो : अमर उजाला
मलिक का कहना है कि हरियाणा की समिति उन्हें केंद्र में आरक्षण का कोई आश्वासन नहीं दे सकती। उन्होंने समिति को बता दिया है कि वे सरकार को इससे अवगत करा दें कि अगले दौर की वार्ता से पहले केंद्र से भी मामले में चर्चा कर ली जाए। ताकि उन्हें केंद्र की नौवीं सूची में शामिल किए जाने का ठोस आश्वासन मोदी सरकार की ओर से मिल सके।

मलिक ने कहा कि हरियाणा की मांगों के साथ ही यह भी अहम मुद्दा है, इसलिए इसका भी आंदोलन खत्म होने से पहले पूरा होना जरूरी है। भाजपा हाईकमान अगर जाटों का समर्थन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड चुनाव में अब भी चाहता है तो उनकी मांगों को तुरंत मान लिया जाए। 

मलिक गुट के इस दांव से सरकार के सामने और दिक्कत खड़ी हो गई है। चूंकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्टे हटने पर केंद्र सरकार को नौवीं सूची में शामिल करने का पत्र लिखने का आश्वासन दे चुके हैं, जिससे जाट संतुष्ट नहीं है। अब सरकार को नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी होगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें