हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के भतीजे की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
बीएमडब्ल्यू कार से हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे को रौंदकर फरार हुए दोनों आरोपी वारदात के तीन दिन बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस अब उनके सरेंडर करने की आस में बैठी हुई है। पुलिस को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा सोमवार को अदालत में सरेंडर कर देगा। इसके बाद उसको रिमांड पर लेकर पुलिस दूसरे आरोपी तक पहुंचने का प्लान बना रही है।
पुलिस आरोपियों के परिजनों पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। परिजनों पर दबाव बना कर पुलिस आरोपियों से सरेंडर करवाना चाहती है। हालांकि पुलिस की पांच टीमें आरोपी फरीद की तलाश में दक्षिण भारत गई हुई है। लेकिन पुलिस को अब तक कहीं से कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी है। पुलिस वारदात में इस्तेमाल बीएमडब्ल्यू कार भी बरामद नहीं कर पाई है। रविवार को चर्चा थी कि सोहाना के पास से कार बरामद हो गई है। लेकिन किसी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की।
बैंक डिटेल खंगालेगी पुलिस
पुलिस सोमवार को आरोपियों केबैंक खातों की डिटेल्स लेगी। पुलिस का मानना है कि वारदात के बाद से अब तक आरोपियों जरूर एटीएम या बैंक से पैसे निकाले होंगे। बैंक अधिकारियों से उनके पैसे निकालने की लोकेशन हासिल की जाएगी।
फरीद के नेपाल भागने की आशंका
हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के भतीजे की हत्या
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फरीद के नेपाल भागने की आशंका
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ देश के एटरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर जारी करने में काफी देर कर दी। वारदात के दो दिन बाद शनिवार को लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। ऐसे में आरोपियों के पास देश छोड़कर भागने का पूरा मौका था। नेपाल जाने के लिए उनको किसी पासपोर्ट व वीजा की भी जरूरत नहीं है। पुलिस को यही डर है कि आरोपी हर मेहताब उर्फ फरीद बाहर न भाग गया हो।
पुलिस ने जांच में ढिलाई बरती
पुलिस ने शुरुआती जांच में काफी ढील बरती। पुलिस की जांच में तब तेजी आई जब उसको पता चला कि अकांक्ष हिमाचल के सीएम का भतीजा है। घटना वाले दिन ही सीएम वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और बेटा विक्रमादित्य के साथ पीजीआई पहुंच गए थे। परिजनों ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे कि हादसा वीरवार सुबह 5 बजे हुआ था। जिसके बाद कई घंटों तक आरोपी चंडीगढ़ व आसपास ही मौजूद थे।
रविवार को सेक्टर तीन थाना पुलिस ने सेक्टर 9 कैफे आ कर वारदात वाली रात की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है। उस रात जब अकांक्ष व दोनों आरोपियों के बीच झगड़ा हुआ उसके बाद एक आरोपी बलराज रंधावा उसको ढूंढता हुआ कैफे आया था। कैफे स्टॉफ ने कैफे के आखिरी व्यक्ति के वहां से निकलने तक की फुटेज पुुुलिस को दे दी है।
फोन नहीं उठा रहे अफसर
वहीं मामले पर पुलिस अधिकारियों ने मीडिया का फोन उठाना बंद कर दिया है। दिन भर अधिकारियों को फोन किया गया लेकिन पुलिस ने फोन नहीं उठाया। अक्सर देखा गया है कि जब स्मार्ट व हाईटेक पुलिस बड़े मामलों को सुलझा पाने में कामयाब नहीं होती तो साइलेंट मोड पर चली जाती है।