सिविल अस्पताल में स्टाफ की लापरवाही को देखकर सामाजिक न्याय व सशक्तीकरण विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री और पंजाब भाजपा अध्यक्ष विजय सांपला बिफर गए। सांपला शनिवार को अस्पताल में सुखजीत मंदबुद्धि आश्रम के उपचाराधीन बच्चों का हाल जानने पहुंचे थे। उन्होंने एसएमओ से सिविल सर्जन के बारे में पूछा तो एसएमओ डॉ. अनूप मेघ ने कहा कि बस दो मिनट में आ रहे हैं। इस पर सांपला नाराज हो गए और बोले दो मिनट का क्या मतलब। इतने में सिविल सर्जन हरप्रीत सिंह काहलों भी पहुंच गए।
बच्चों के उपचार के बारे में जानने के दौरान सांपला आखिरी बच्चे के पास पहुंचे तो उन्होंने बच्चे के मर्ज के बारे में पूछा। स्टाफ ने बेड सॉर की दिक्कत बताई। इस पर सांपला ने सिविल अस्पताल की एयरबैग मशीन और बिस्तर को चेक किया तो वह बिल्कुल खराब था और मशीन भी स्लिप कर रही थी। सांपला ने स्टाफ से कहा कि बैडसॉर पीड़ित मरीज को एयरबैग इस लिए लगाया जाता है कि उसके जख्मों को बराबर हवा मिलती रही, लेकिन यहां बिस्तर बच्चे के शरीर से चिपका हुआ है।
नाराज सांपला ने सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी को फोन लगाया। फोन पर सांपला ने कहा कि ज्याणी साब, इत्थे न तां तुहाडा सिविल सर्जन है, ते न ही इत्थे प्रबंध ही वदीया ने, इह लो डीसी साब नाल गल्ल करो। इसके बाद उन्होंने डीसी जसकिरण सिंह को फोन थमा दिया। बाद में सांपला ने कहा कि इस मामले में लापरवाही तो हुई है। जिला प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा विभाग ने एक्शन लेकर डीएसएसओ को सस्पेंड और अटेंडेंट पर चार्जशीट लगाई है। उन्होंने सिविल अस्पताल प्रशासन के प्रबंधों पर भी उंगली उठाई।
स्टाफ को ट्रेनिंग देने का प्रबंध किया जाएगा
food poisoning
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि संसद में जीएसटी बिल के चलते यहां पहले नहीं पहुंच पाए हैं। मामला उनके मंत्रालय से जुड़ा हुआ है। वहां से फारिग होत ही वे आ गए हैं। एक सप्ताह बाद दिल्ली से उनके मंत्रालय की एक टीम यहां आकर सुखजीत आश्रम का दौरा करके कमियों का ब्यौरा तैयार करेगी। उन कमियों को जल्द दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदबुद्धि बच्चों के हावभाव समझने के लिए स्टाफ का प्रशिक्षित होना बहुत जरूरी है। स्टाफ को ट्रेनिंग देने का प्रबंध किया जाएगा। इसके बारे में दिल्ली के अधिकारियों से भी बात हो गई है।
इस टीम के आगमन को लेकर डीसी जसकिरण सिंह से भी फोन पर बात करवा दी गई है। उन्होंने दो बच्चों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सिविल अस्पताल प्रशासन को उपचाराधीन पांच बच्चों के इलाज में किसी भी तरह की कमी न आने देने के निर्देश दिए। इसके बाद में उन्होंने आश्रम में नए कमरों में शिफ्ट किए गए 26 बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा विभाग के डायरेक्टर गुरलवलीन सिंह सिद्धू, डीसी जसकिरण सिंह, एसएसपी राजिंदर सिंह, एसडीएम डॉ. मनदीप कौर, सिविल सर्जन डॉ. हरप्रीत सिंह काहलों के अलावा जिला भाजपा प्रधान कपूरथला शाम सुंदर अग्रवाल, नगर सुधार ट्रस्ट कपूरथला के नवनियुक्त चेयरमैन उमेशा शारदा, मंडल भाजपा प्रधान एडवोकेट चंद्रशेखर, भाजपा एससी मोर्चा पंजाब प्रधान मनजीत बाली, जिला मीडिया प्रभारी राजेश सूरी, विशाल सोंधी, कपूरचंद थापर और अरुण कुमार सिंह मौजूद थे।
बच्चों से बातचीत के दौरान सांपला ने पाया कि तीन-चार बच्चे काफी एक्टिव थे। सांपला ने डीसी से कहा कि इन बच्चों को अगर अभी से सही ढंग से संभालकर कंप्यूटर पर ज्ञान देने के लिए मोल्ड कर दिया जाए तो इन्हें मुख्यधारा में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने डीसी से कहा कि जब टीम यहां आए तो उन्हें तीन-चार कंप्यूटर मुहैया करवाने की डिमांड भी लिखवाईएगा।