अब जुर्माना चुकाने में असमर्थ कैदियों को जेलों में सलाखों के पीछे दिन नहीं काटने पड़ेंगे। ऐसे कैदी जल्द ही अब जेलों से बाहर आएंगे। इन कैदियों की रिहाई में केंद्र सरकार मददगार बनेगी। केंद्र सरकार ने ऐसे जरूरतमंद कैदियों के लिए एक योजना बनाई है, उसी स्कीम के तहत जमानत के लिए राशि जारी की जाएगी। इसके लिए केंद्र ने पंजाब सरकार को पत्र लिखा है। साथ ही इस संबंध में गाइडलाइन को तय समय में पूरे करने का आदेश दिया है। उम्मीद है कि इससे कई लोगों को फायदा होगा।
सूबे में मौजूदा समय में 26 जेल हैं। इनमें केंद्रीय, जिला व स्पेशल वूमेन जेल शामिल हैं। इनमें 30 हजार से भी अधिक कैदी बंद हैं। सूत्रों के मुताबिक इसमें कई कैदी ऐसे भी हैं जो लगाए गए जुर्माने का भुगतान करने में असमर्थ हैं। ऐसे में वे जेलों से बाहर नहीं आ पा रहे हैं, जबकि ऐसा न होने से उनके अधिकारों को हनन हो रहा है।
वहीं, केंद्र सरकार ने कैदियों को रिहाई के लिए दी जाने वाली आर्थिक मदद के लिए गाइडलाइन बनाई है। इसके मुताबिक अब जिला स्तर पर एक कमेटी गठित होगी। जो इन कैदियों के सारे केसों का आकलन करेगी। इसके बाद जुर्माने के भुगतान के लिए जो राशि निकाली जाएगी वे डीसी के आदेश पर निकलेगी।
केंद्र सरकार ने अपने पत्र में लिखा है कि उम्मीद है कि इस दिशा में जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी। साथ ही सारी जानकारी उनसे शेयर की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने बजट में इंतजाम किया था। इसके पीछे कोशिश यही है कि लोगों को जेलों से बाहर लाकर मुख्य धारा से जोड़ा जाए।
याद रहे हाल ही में केंद्र सरकार ने देश की आजादी से पहले बने जेल अधिनियम 1894 और कैदी अधिनियम की 1900 की समीक्षा की थी। इसके बाद मॉडल जेल अधिनियम 2023 को जेल प्रबंधन और प्रशासन को लागू करने के लिए भेज दिया है। साथ ही इस संबंधी आदेश सभी जिलों को जारी किए गए हैं।
पंजा़ब में चल रहे कैदियों से जुड़े कई प्रोजेक्ट
पंजाब की जेलों में बंद कैदियों को जेलों से बाहर आने पर नई शुरुआत करने में कोई दिक्कत न आए। इसको लेकर भी सरकार गंभीर है। सरकार की तरफ से 14 जेलों में आज की जरूरतों के हिसाब से यूनिट लगाए गए हैं। इनमें फर्नीचर, बेकरी प्रोडक्ट बनाने तक की यूनिट शामिल हैं। इसके अलावा कुछ जेलों में पेट्रोप पंप तक स्थापित किए गए हैं।