पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार से पीएम केयर फंड में चीन से आ रही डोनेशन वापस करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में चीन के खिलाफ घृणा का भाव है। एक तरफ तो कोविड के लिए चीन जिम्मेदार है, दूसरी तरफ चीन हमारी सीमा में घुसपैठ कर हमारे जवानों को मार रहा है। ऐसे समय में चीन की ओर से दिया गया किसी भी तरह का धन या अनुदान मान्य नहीं है।
केंद्र सरकार फौरन उस राशि को लौटाए जो चीन ने पीएम केयर फंड में दी है। यहां पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने खुलासा किया कि कई चीनी एप जो मोबाइल पर प्रयोग होते हैं, उनके माध्यम से यह राशि भेजी गई है।
कैप्टन के मुताबिक सवाल एक पैसा लेने का हो तो भी हम यह नहीं स्वीकार करेंगे कि एक तरफ तो चीन हमारे साथ गद्दारी करे और दूसरी तरफ सहानुभूति जताए। कैप्टन ने कहा कि पीएम केयर फंड की स्थापना इसलिए की गई है कि संकट के समय हम कोरोना की लड़ाई लड़ सकें लेकिन अब हमें कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा।
खासकर वह भी तब जब हमारे जवान चीन के बार्डर पर शहीद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 भारतीय जवान अपनी सीमा की रक्षा करते हुए गलवां में शहीद हो चुके हैं। यहां पर सवाल इस बात का नहीं है कि चीन ने कितनी डोनेशन दी है, सवाल यह है कि हम ऐसे समय में एक भी रुपया बर्दाश्त नहीं करेंगे, जब पूरे देश में चीन का विरोध हो रहा है।
भारतीय कंपनी के 50 हजार फोन तैयार, लेकिन अंतिम फैसला कंपनी में चीन की हिस्सेदारी जांचने के बाद
पंजाब में स्मार्टफोन बांटने के एक बड़े चुनावी वादे संबंधी पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि पंजाब सरकार ने पहले ही एक भारतीय मोबाइल कंपनी को आर्डर दिया हुआ है। उस कंपनी ने हमें यह बताया कि 50 हजार मोबाइल तैयार हैं और बाकी की सप्लाई जुलाई में की जाएगी। कैप्टन ने कहा कि चाहे वह एक भारतीय मोबाइल कंपनी है लेकिन अंतिम फैसला इस कंपनी में चीन की हिस्सेदारी जांचने के बाद ही लिया जाएगा।
राहुल गांधी संसद में जरूर करेंगे चर्चा
कैप्टन ने गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर सोमवार को पलटवार किया और कहा कि हमें विश्वास है कि 'राहुल गांधी संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे और अपनी बात रखेंगे'। बता दें कि रविवार को एक इंटरव्यू के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा था कि 1962 से अब तक की स्थिति के बारे में संसद में दो-दो हाथ हो ही जाए।