केंद्र सरकार का फैसला अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, कर्मचारी करेंगे राष्ट्रव्यापी आंदोलन : सुभाष लांबा
28 और 29 दिसंबर को कानपुर में होने वाली कार्यसमिति की बैठक में होगा आंदोलन का ऐलान
चंडीगढ़। केंद्र सरकार की ओर से आठवें पे कमीशन के गठन से इंकार करने से केंद्र एवं राज्य के करोड़ों कर्मचारियों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने केंद्र सरकार के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। इसके तहत महासंघ ने 28-29 दिसंबर को कानपुर में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आयोजित करने का फैसला किया है।
लांबा ने बताया कि तीन दिसंबर को राज्यसभा सांसद जावेद अली खान व रामजी लाल सुमन ने सवाल पूछा था कि क्या केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए आठवें पे कमीशन का गठन करने जा रही है। इसके जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित में जवाब दिया कि केंद्र सरकार के पास आठवें पे कमीशन के गठन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। केंद्र सरकार के इस जवाब से केंद्र एवं राज्य कर्मचारियों और पीएसयू के कर्मचारियों में आक्रोश है। क्योंकि आठवें पे कमीशन की सिफारिशों को जनवरी 2026 से लागू किया जाना है, जिसका अभी तक गठन नहीं किया गया है। अधिकतर राज्य सरकारें भी इसी के अनुसार राज्य कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन करती है।
लांबा ने कहा, केंद्र सरकार इससे पहले पुरानी पेंशन बहाली और कोविड-19 में कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को फ्रीज किए 18 महीने की डीए, डीआर को बहाल करने और ठेका संविदा कर्मियों को नियमित करने से स्पष्ट मना कर चुकी है।