एसजीपीसी की साधारण सभा में पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान के अस्तित्व को समाप्त करने की कोशिशों के विरुद्ध एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। भारत सरकार से मांग की गई कि वह इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के सामने उठाए। एक अन्य प्रस्ताव में केंद्र से करतारपुर कॉरिडोर को खोलने की मांग की गई। सभा में कहा गया कि जब सभी धार्मिक व व्यापारिक संस्थान खोलने की इजाजत दे दी गई है, तो कॉरिडोर खोलने पर भी जल्द फैसला हो।
साथ ही श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाली संगत पर लगाई गई पासपोर्ट की शर्त खत्म करने की भी मांग की गई। एक अन्य प्रस्ताव में उत्तराखंड, सिक्किम और ओडिशा में स्थित गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब हर की पौड़ी, गुरुद्वारा डांग मार साहिब, गुरुद्वारा बावली मठ, मंगू मठ और पंजाबी मठ को एसजीपीसी को सौंपने की मांग की गई। भारत सरकार से जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा को सरकारी भाषा के तौर पर शामिल करने की मांग भी उठाई गई।
साथ ही नए कृषि कानून के खिलाफ सभी सांसदों से आवाज उठाने की अपील की गई। देश की अलग-अलग जेलों में टाडा कानून के अंतर्गत सजा काट रहे निर्दोष सिखों को जल्द रिहा करने, यूएपीए एक्ट का दुरुपयोग न करने, सोशल मीडिया में गुरु साहिबान, सिख योद्धाओं व सिख इतिहास आदि विवादित पोस्ट अपलोड करने पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। एक अन्य प्रस्ताव में एसजीपीसी सदस्यों पर वार्षिक तीन लाख की राशि खर्च करने पर लगाई रोक को हटा दिया गया।
अब एसजीपीसी सदस्य अपने हलके के धार्मिक कार्यों पर दो लाख की राशि खर्च कर सकेंगे। एक अन्य प्रस्ताव में एसजीपीसी के पब्लिकेशन विभाग के कर्मचारियों द्वारा ड्यूटी के दौरान संगत को दिए गए पावन स्वरूपों की भेंटा (नगद राशि) निजी लालच के कारण खुद उपयोग करने की कड़ी निंदा की गई। प्रबंधकीय संस्था होने के कारण साधारण सभा ने खालसा पंथ से क्षमा याचना की। प्रस्ताव में मई 2016 में गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में हुए अग्निकांड से पावन स्वरूपों की बेअदबी पर भी अफसोस जताया गया।
तख्त दमदमा साहिब स्थित कॉलेज में 200 बेटियों को फ्री देंगे शिक्षा
एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि बेशक बजट कोरोना से प्रभावित हुआ है लेकिन बजट में शताब्दी समारोहों के लिए 3 करोड़, 45 लाख 70 हजार की राशि खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। एसजीपीसी का स्थापना दिवस, भाई तारु सिंह जी की त्रि-शताब्दी व श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 400वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। एसजीपीसी गुरसिख खिलाड़ियों व खेलों पर 90 लाख की राशि खर्च करेगी।
कुदरती आफतों के लिए 96 लाख का प्रावधान रखा गया है। सिकलीगर बंजारे सिखों व पंजाब के बाहर गुरुद्वारों, स्कूलों के लिए पांच करोड़ 30 लाख की राशि, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा पर एक करोड़ 50 लाख की राशि खर्च की जाएगी। सिख इतिहास की खोज, लिखाई व छपाई के लिए पांच लाख 70 हजार की राशि खर्च की जाएगी। अमृतधारी विद्यार्थियों की फीसों के लिए विशेष राशि का प्रबंध किया गया है।
मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज शाहबाद मारकंडा और श्री गुरु ग्रंथ साहिब मिशन अंबाला के लिए 14 करोड़ 20 लाख की राशि खर्च की जाएगी। एसजीपीसी की तरफ से तख्त श्री दमदमा साहिब में स्थित माता साहिब कौर गर्ल्स कॉलेज में पढ़ने वाली 200 लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। इस कॉलेज में दाखिल लेने वाली लड़कियों में से 10 फीसदी कोटा रागियों, ढाढियों की बेटियों के लिए आरक्षित है। पांच फीसदी कोटा आर्थिक रूप से कमजोर गुरसिख परिवारों की लड़कियों के लिए होगा।