चंडीगढ़ में सोमवार से नौवीं से 12वीं तक के सरकारी स्कूल खुल गए हैं। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शिक्षा सचिव सरप्रीत सिंह गिल को आदेश दिए हैं कि वह सुनिश्चित करें कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का स्कूलों में सख्ती से पालन हो। इसके अलावा बदनौर ने शिक्षकों को भी सलाह दी है कि वह समय-समय पर अपनी कोरोना जांच कराते रहें।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ सोमवार को एक समीक्षा बैठक की। प्रशासक ने स्वास्थ्य सचिव को आदेश दिए कि कोरोना के मरीज जो घर पर रह रहे हैं, उनके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था मौजूद हो ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनको जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके।
बदनौर ने विशेष स्वास्थ्य सचिव को कहा कि वह जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, पीजीआई और ट्राइसिटी के विभिन्न अस्पतालों के संपर्क में रहें ताकि अगर किसी भी कोरोना के मरीज को डायलिसिस की आवश्यकता हो तो उसे समय पर इस सुविधा का लाभ दिया जा सके।
बैठक में डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि शहर में अब तक 5 लाख बार आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड किया जा चुका है। इसके अलावा डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉक्टर जी दीवान ने बताया कि शहर में अब तक 65,825 लोग डिजिटल हेल्थ कार्ड हासिल कर चुके हैं।
पीजीआई में कोरोना के 192 गंभीर मरीज
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन सेंटर में कोरोना के 192 गंभीर मरीज भर्ती हैं। इनमें से 63 चंडीगढ़, 61 पंजाब, 38 हरियाणा और 18 हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते हैं। बताया कि उनकी तरफ से लिए गए 728 कोरोना के सैंपल में से चंडीगढ़ के 79 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। प्रो. जगतराम ने बताया कि पीजीआई में कोरोना के मरीजों के लिए 400 बेड की व्यवस्था कर ली गई है।
बैठक में जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने बताया कि उनके द्वारा लिए गए 693 कोरोना के सैंपल में से 129 पॉजिटिव मिले हैं। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉक्टर जी दीवान ने बताया कि उन्होंने कोरोना के 1919 टेस्ट लिए हैं। इसके अलावा उन्होंने बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान की भी शुरूआत की है। शहर में अब तक 34288 बच्चों को टीका लगाया गया है और घर-घर जाकर बच्चों की जांच की जा रही है।