डॉ. हरिवंश सिंह जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस के शिक्षकों की प्रमोशन नीति मामले में पंजाब विश्वविद्यालय के वीसी और रजिस्ट्रार दोनों ने उच्च न्यायालय से बिना किसी शर्त माफी मांग ली है। इसके साथ ही न्यायालय को बताया गया कि आदेश के अनुरूप अब शिक्षकों की पदोन्नति के लिए नीति तैयार कर ली गई है। उच्च न्यायालय ने दोनों की माफी स्वीकार करते हुए उन्हें अवमानना मामले से बरी कर दिया है।
पंजाब विश्वविद्यालय के डॉ. हरिवंश सिंह जज इंस्टीट्यूट आफ डेंटल साइंस के शिक्षकों ने पदोन्नति के लिए नीति बनाने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में गत वर्ष याचिका दाखिल की थी। गत वर्ष 30 मई को याचिका पर उच्च न्यायालय ने पंजाब विश्वविद्यालय को 4 माह में पदोन्नति नीति बनाने के आदेश दिए थे। समय अवधि पूरी हो जाने के बाद 11 अक्टूबर 2019 को विश्वविद्यालय ने फिर से कुछ समय दिए जाने की मांग की।
यह समय पूरा होने के बाद 28 जनवरी को विश्वविद्यालय ने फिर से मोहलत मांगी जिसके चलते उच्च न्यायालय ने 30 मार्च तक नीति को लागू करने के आदेश दिए। यह अवधि पूरी हो जाने के बाद एक बार फिर से विश्वविद्यालय द्वारा समय दिए जाने की मांग की जिस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए उच्च न्यायालय ने वीसी और रजिस्ट्रार को अवमानना नोटिस जारी करते हुए पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।
इसके बाद अब वीसी और रजिस्ट्रार दोनों ने उच्च न्यायालय से बिना शर्त माफी मांग ली है और न्यायालय को बताया कि नीति को तैयार करते हुए सिंडीकेट के समक्ष इसकी मंजूरी ले ली गई है। अब इसे पीनट के समक्ष पेश करना है और इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।