पिछले दस सालों तक केंद्र में चंडीगढ़ का दबदबा था। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से लेकर कई पूर्व केंद्रीय मंत्रियों का चंडीगढ़ से सीधा संबंध था।
पूर्व प्रधानमंत्री के साथ-साथ चार अन्य पूर्व केंद्रीय मंत्रियों का चंडीगढ़ में आवास हैं। लेकिन, अब केंद्र से चंडीगढ़ का दबदबा लगभग खत्म हो गया है। अब सिर्फ एक केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल का ही चंडीगढ़ से अप्रत्यक्ष तौर पर संबंध है।
उनके ससुर पंजाब के मुख्यमंत्री हैं और पति उप मुख्यमंत्री। चंडीगढ़ में सरकारी आवास के साथ ही सेक्टर-9 में बादल परिवार का अपना घर भी है। केंद्रीय मंत्री बनीं सुषमा स्वराज का चंडीगढ़ से सिर्फ इतना ही संबंध है कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं।
पूर्व रेल मंत्री बंसल का सेक्टर-28 में घर
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का सेक्टर-11 में घर है। दस साल तक केंद्रीय मंत्री रहे कपिल सिब्बल का चंडीगढ़ के सेक्टर-5 में आवास है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी का सेक्टर-9 और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल का सेक्टर-28 में घर है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का सेक्टर-19 में घर है। लेकिन, इस बार प्रत्यक्ष तौर पर किसी भी केंद्रीय मंत्री का चंडीगढ़ में न तो घर है और न ही सीधा जुड़ाव है। इससे पहले भी चंडीगढ़ को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
चंडीगढ़ के पूर्व सांसद हरमोहन धवन केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। जबकि, विनोद शर्मा भी केंद्र में मंत्री रहे हैं। दोनों का घर सेक्टर-9 में है। इससे पहले चंडीगढ़ के सासंद रहे स्वर्गीय जगन्नाथ कौशल भी केंद्र में मंत्री रहे हैं।
भाजपा नेताओं की उम्मीदें कायम
भाजपा के नेताओं का कहना है कि चंडीगढ़ को अभी बहुत कुछ मिलना है। चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर को चाहे केंद्र में मंत्रिमंडल में अभी जगह नहीं मिली है, लेकिन भाजपा के स्थानीय नेताओं को जल्द ही बड़े पद मिलेंगे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता हरमोहन धवन, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व पार्षद रंजना शाही को बड़ा पद मिलने की संभावना है।