बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल को नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताजपोशी के साथ ही सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की पुत्रवधु और शिअद अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने भी केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।
हरसिमरत का केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होना हर तरह से राज्य के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। बठिंडा लोकसभा सीट से लगातार दूसरी बार सांसद चुने जाने के बाद हरसिमरत के केंद्रीय मंत्री बनने से जहां शिरोमणि अकाली दल की एनडीए में मजबूत स्थिति पर मोहर लगी है, वहीं अरुण जेटली की अमृतसर से हार के बाद अकाली-भाजपा गठबंधन नेताओं के बीच शुरू हुई परस्पर विरोधी बयानबाजी पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
प्रदेश को पूरा लाभ मिलने की उम्मीद
वहीं अरुण जेटली का केंद्रीय वित्त मंत्री बनने का भी प्रदेश को पूरा लाभ मिलने की उम्मीद है। बेशक जेटली अमृतसर लोकसभा सीट से जीत नहीं पाए, लेकिन उनके मंत्री बनने से न केवल प्रदेश भाजपा, बल्कि पंजाब सरकार को भी बहुत उम्मीदें हैं।
इन्हीं उम्मीदों के मद्देनजर तो अकाली-भाजपा गठबंधन नेता उन्हें पंजाब लाए थे, लेकिन उनकी हार से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से लेकर दोनों ही पार्टियों के नेता मायूस हो गए थे।
अब उनके केंद्र सरकार में प्रभावशाली मंत्री बनने से पंजाब की उम्मीदें फिर से जगी हैं। प्रदेश को आर्थिक संकट से उबारने, प्रॉपर्टी टैक्स पर पुनर्विचार करने, उद्योगों की हालत में सुधार, ड्रग तस्करी पर नकेल कसने आदि से संबंधित उनके चुनावी वादों के पूरा होने की उम्मीद पंजाब कर रहा है।
छह लोकसभा सांसद, एक मंत्री
पंजाब को छह लोकसभा सांसदों (4 शिअद व 2 भाजपा) के बदले हरसिमरत के रूप में एक मंत्री पद मिला है। वैसे अमृतसर लोकसभा सीट से अरुण जेटली को मिली हार की वजह से उपजे माहौल के बीच प्रदेश को केबिनेट मंत्री का एक पद मिलना बड़ी उपलब्धि ही माना जा सकता है।
हालांकि गुरदासपुर से भाजपा सांसद व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विनोद खन्ना के मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना थी और शिअद कोटे से दो मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन मौजूदा हालात में जो मिला, उसी से प्रदेश में गठबंधन के नेता संतोष जता रहे हैं।