इस्तेमाल किए जा चुके वेंटिलेटर्स को दोबारा इस्तेमाल के लिए आयात करने की एक बार अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार तैयार हो गई है। केंद्र सरकार ने बताया कि 15 दिन में इसके लिए आवश्यक आदेश जारी कर दिया जाएगा।
लुधियाना की एसबी मेडिकल सिस्टम कंपनी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि उन्होंने केंद्र सरकार से इस्तेमाल किए गए वेंटिलेटर्स को दोबारा इस्तेमाल के लिए आयात की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें यह नहीं दी गई। इसके कारण याची ने जून 2020 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने कहा था कि वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन कोरोना सहित अन्य गंभीर बीमारी के रोगियों के इलाज में अहम हैं। इनके आयात में देरी निश्चित रूप से लोगों की मौत का कारण साबित होगी। देश इस समय रोज हजारों मौत का गवाह बन रहा है। ऐसे में आयात की अनुमति न देना किसी भी सूरत में जनहित में नहीं है।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को वेंटिलेटर्स के आयात की अनुमति देने का आदेश दिया था। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि वेंटिलेटर्स आने के बाद 24 घंटे के भीतर संबंधित विभाग को इसकी सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के बाद इनका निरीक्षण किया जाएगा और जो वेंटिलेटर्स मानकों के अनुरूप नहीं होंगे उन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। अब केंद्र सरकार ने बताया कि उन्होंने इसकी अनुमति देने का निर्णय लिया है जिसका आदेश 15 दिन के भीतर जारी किया जाएगा।
इस दौरान कंपनी ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया कि इन वेंटिलेटर्स को पंजाब के अस्पतालों के अतिरिक्त और कहीं नहीं भेजा जाएगा। इस दौरान कंपनी ने हाईकोर्ट से अपील की कि इन वेंटिलेटर्स को वेयरहाउस में रखने का जो खर्च आया है उसे माफ करने का केंद्र को आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को उनकी मांग पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।