फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत भरी खबर: केंद्र ने 70 एमटी बढ़ाया हरियाणा का ऑक्सीजन कोटा, अब 162 की जगह 232 एमटी की होगी आपूर्ति

Wed, 28 Apr 2021 09:46 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पहले प्रदेश को 162 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 232 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है।
 
विज्ञापन
केंद्र ने बढ़ाया हरियाणा का ऑक्सीजन कोटा। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना से जूझ रहे हरियाणा के लिए बुधवार को एक राहत भरी खबर आई। केंद्र सरकार ने कोविड के कहर से पार पाने के लिए हरियाणा का ऑक्सीजन कोटा 70 एमटी रोजाना के हिसाब से बढ़ा दिया है। अब हरियाणा को विभिन्न प्लांट से प्रतिदिन 162 एमटी की जगह 232 एमटी ऑक्सीजन मिलेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव निपुण विनायक ने हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है।

विज्ञापन


अभी प्रदेश को रोजाना 162 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही थी। ऑक्सीजन का यह स्टॉक कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए कम पड़ रहा था। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग की थी। बुधवार सुबह केंद्र सरकार की तरफ से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हरियाणा को ऑक्सीजन कोटा में बढ़ोतरी की जानकारी दी गई।


हरियाणा को रुड़की, भिवाड़ी इत्यादि प्लांट से बढ़े हुए कोटे की ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। पानीपत प्लांट से 100 एमटी, जिंदल स्टील प्लांट हिसार से 7 एमटी, लिंडे रोउरकेला प्लांट से 30 एमटी, टाटा प्लांट एंगुल से 40 एमटी, भिवाड़ी प्लांट से 20 एमटी, रुड़की प्लांट से 25 एमटी,  एमएसएमई से 10 एमटी ऑक्सीजन प्रदेश सरकार को कोविड मरीजों के उपचार के लिए मिलेगी।
विज्ञापन


इससे पहले मंगलवार को हरियाणा सरकार ने बिना ऑक्सीजन संयंत्र के नए निजी अस्पताल खोलने पर रोक लगा दी थी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की तरफ से आदेश जारी किए गए कि नए निजी अस्पतालों की स्थापना के साथ ही ऑक्सीजन संयंत्र लगाने होंगे। बिना ऑक्सीजन संयंत्र के अस्पताल स्थापित करने की एनओसी नहीं मिलेगी। पुराने निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने होंगे। सरकार ने कोविड के बढ़ते कहर को देखते हुए ऑक्सीजन का संकट गहराने पर यह निर्णय लिया है। निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्रों की भी समय-समय पर जांच की जाएगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें