सीएलयू की एवज में पांच करोड़ रुपये की मांग के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने पूछा है कि क्या इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है या नहीं। हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई तक हरियाणा सरकार को अपना पक्ष रखने के निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर इस मामले में कोई जांच चल रही है, तो उसके संबंध में भी कोर्ट को अवगत करवाया जाए। मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।
इनेलो द्वारा एक सीडी जारी की गई थी जिसमें मुख्य संसदीय सचिव(सीपीएस) राम किशन फौजी को जमीन की सीएलयू करवाने की एवज में पांच करोड़ रुपए की मांग करते हुए दिखाया गया था।
सीडी प्रकरण के बाद इस मामले की जांच की मांग उठाई गई और मामले को हरियाणा लोकायुक्त के बाद भेजा गया था। यह मामला विधानसभा में भी प्रमुखता से उठा।
मामले में लोकायुक्त द्वारा सीपीएस राम किशन फौजी पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई करने की सिफारिशन की थी।
इस मामले में फौजी ने हाईकोर्ट का रुख किया और हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि जबतक जांच पूरी नहीं होती एफआईआर दर्ज न की जाए।