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पीजीआई में दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए खुला सीसीयू, एक बार में 10 मरीजों के लिए जगह

Tue, 10 Sep 2019 03:30 PM IST
खुशबू गोयल आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Chandigarh PGI - फोटो : File Photo
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दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों का इलाज अब पीजीआई चंडीगढ़ में और बेहतर हो सकेगा। कार्डियक सेंटर में बच्चों का कोरेनेरी केयर यूनिट (सीसीयू) खोला गया है। इसमें 10 बेड होंगे और गंभीर बच्चों को इसमें दाखिल किया जाएगा। अभी तक इन बच्चों के लिए मेन सीसीयू में अलग से जगह दे दी जाती थी, मगर अब इन बच्चों के लिए अलग से यूनिट खोल दी गई है। इससे बच्चों को फोकस्ड केयर के साथ बेहतर सुविधा मिलेगी।
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हालांकि, अभी इसका आधिकारिक उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन बच्चों को दाखिल करना शुरू कर दिया गया है। वहां पर डॉक्टरों के साथ नर्स को भी तैनात कर दिया गया है। अभी तक पीजीआई में बच्चों के लिए अलग से आईसीयू नहीं था। ऐसे बच्चों के लिए मुख्य सीसीयू में अलग से ही व्यवस्था करनी पड़ती थी। लेकिन ज्यादा बच्चों के लिए व्यवस्था नहीं हो पाती थी। जो बच्चे पीडियाट्रिक वार्ड में दाखिल होते थे, उनके लिए कार्डियक सेंटर से डॉक्टर भेज दिए जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

जो बच्चे गंभीर होंगे, उनका अब प्रॉपर तरीके से इलाज हो सकेगा। कार्डियक सेंटर के एचओडी प्रो. यशपाल शर्मा का कहना है कि एक  डेढ़ हफ्ते में यह सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी। कुछ डॉक्टरों की ड्यूटी और लगाई जानी है। इस पर काम चल रहा है। अगले हफ्ते मीटिंग में सब-कुछ फाइनल कर दिया जाएगा।
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...लेकिन नर्सिंग स्टाफ की कमी है

भले ही कार्डियक सेंटर में बच्चों के लिए सीसीयू खोल दिया गया हो, लेकिन वहां पर डॉक्टरों के साथ नर्सिंग स्टाफ की भी कमी है। 10 बेड के हिसाब से 25 नर्सिंग स्टाफ होना चाहिए था, मगर अभी सिर्फ 10 नर्स की तैनाती की गई है। इससे नर्सिंग स्टाफ पर जबरदस्त बोझ है। बच्चों पर ज्यादा देखभाल की जरूरत रहती है।

नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सतवीर सिंह डागर का कहना है कि पीजीआई में पहले से ही नर्सिंग स्टाफ की बेहद कमी है। इस बारे में पीजीआई निदेशक को पहले ही बताया जा चुका था कि जब तक नर्सिंग स्टाफ की कमी को पूरा न किया जाए तब तक नए एक्सटेंशन न किए जाए। पीजीआई में इस समय 1750 नर्सिंग स्टाफ की कमी है। 1500 नई पोस्टें मिनिस्ट्री के पास भेजी गई थीं, मगर अब तक क्लीयर नहीं हो पाई हैं।
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