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सात शहरों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, औद्योगिक प्लॉट की लागत में एसी वर्ग को 10 फीसदी छूट

Fri, 06 Nov 2020 08:40 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के सभी शहरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इसकी योजना तैयार कर ली है। पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत सात जिलों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। जिला प्रशासन को इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी।

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मानसून सत्र के दूसरे दिन जजपा विधायक देवेंद्र बबली ने सवाल पूछा था। विज ने कहा कि अब तक शहरी स्थानीय निकाय विभाग स्मार्ट सिटी में सीसीटीवी कैमरे लगाता रहा है। इनकी देखरेख का कार्य अब गृह विभाग को दिया जा रहा है। अपराध रोकने में सीसीटीवी कैमरे की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 

जिला फरीदाबाद में निगरानी प्रणाली और यातायात प्रबंधन के लिए लगभग 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यातायात प्रणाली के लिए 94 जंक्शन शहर में स्थापित किए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पहले ही 700 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा इसी परियोजना के तहत करनाल में 159 करोड़ रुपये की लागत से 760 सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है।

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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम में कानून व्यवस्था और यातायात के सुचारु प्रबंधन के लिए गमाडा के साथ मिलकर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सरकार ने 45.55 करोड़ की राशि हरियाणा पुलिस आधुनिकीकरण के तहत स्वीकृत की है। 

इसमें से 25 करोड़ रुपये की राशि गमाडा गुरुग्राम को हस्तांतरित की गई है और शेष राशि हारट्रोन के पास जमा है। यह राशि अन्य जिलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए खर्च की जाएगी। राजमार्ग सुरक्षा के लिए 120 सीसीटीवी कैमरे हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-1 पर लगाएगा। इसके तहत अंबाला में 22, कुरुक्षेत्र में 24, करनाल में 28, पानीपत में 22, सोनीपत में 24 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने प्रस्तावित हैं। इन पर करीब 7.54 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।

एचएसआईआईसी के औद्योगिक प्लॉट की लागत में एससी को दस फीसदी छूट
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) का औद्योगिक प्लाट अनुसूचित जाति के उम्मीदवार को आवंटित होने पर सरकार लागत में दस फीसदी की छूट देगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को विधानसभा में यह घोषणा की।

निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर ने एचएसआईआईडीसी के प्लॉट आवंटन में एससी के लिए आरक्षण के प्रावधान व उसके विस्तार के संबंध में सवाल पूछा था। इसका जवाब सीएम की ओर से सदन में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दिया। 

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, न ही सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। इस पर गोंदर ने कहा कि सरकार इसका प्रावधान करे। जिससे एससी वर्ग के लोग भी प्लॉट आवंटन होने पर उद्योग लगा सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री से इसकी मांग की।

सीएम मनोहर लाल ने घोषणा करते हुए कहा कि एससी वर्ग का कोई भी व्यक्ति खुली बोली में प्लाट लेता है या उसे सरकारी प्रक्रिया अनुसार औगोद्यिक प्लॉट का आवंटन होता है तो सरकार लागत में 10 प्रतिशत की छूट देगी, बशर्ते वह आवंटन के बाद अपनी औद्योगिक इकाई तीन वर्ष के अंदर शुरू कर दे। सीएम ने सदन को यह भी स्पष्ट किया कि औद्योगिक प्लाटों के आवंटन में छह वर्ष से उनकी सरकार के कार्यकाल में एससी के कोटे को खत्म नहीं किया गया है। सीएम के घोषणा करने पर विधायक धर्मपाल ने उनका आभार जताया और कहा कि इससे एससी को बड़ा लाभ होगा

बीमा दावे निपटाने में देरी पड़ी भारी, कंपनियों पर 35 करोड़ रुपये जुर्माना

हरियाणा सरकार ने बीमा दावे निपटाने में देरी पर बीमा कंपनियों को 34.92 करोड़ का जुर्माना लगाया है। खरीफ 2018 सीजन में कंपनियों ने किसानों की फसल खराब होने पर समयबद्ध तरीके से मुआवजा नहीं दिया था। सरकार ने मामला संज्ञान में आने पर ओरिएंटल बीमा कंपनी को 9.79 करोड़ रुपये, एसबीआई जनरल बीमा कंपनी को 14.04 करोड़ रुपये व यूनिवर्सल सोंपो जनलरल बीमा कंपनी को 11.09 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से कृषि मंत्री जेपी दलाल ने सदन में यह जानकारी दी। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने बीमा योजना को लेकर सवाल पूछा था। दलाल ने कहा कि तीनों कंपनियों पर यह जुर्माना स्थानीय दावों के भुगतान में देरी, अंतिम तिथि से पहले किसानों का विवरण उपलब्ध न करवाने, निश्चित अंतिम तिथि के अंदर दावे का भुगतान न करने में असमर्थ रहने व जागरूकता प्रचार में फंड का उपयोग न करने पर लगाया है। 

बीमा कंपनियां बिना किसी विशेष कारण के किसी भी योग्य किसान का दावा अस्वीकार नहीं करती। खरीफ 2019 और रबी 2019-20 में अकेले भिवानी जिले से 14675 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावा मूल्यांकन का अनुरोध किया था। इनमें से 1223 आवेदन गलत मिले। 514 दावे बीमा कंपनियों या बैंक खातों के साथ ब्योरा न मिलने के कारण लंबित हैं।  

जरूरत होने पर आरओबी के दोनों तरफ फुट ओवर ब्रिज, सीढ़ियां बनेंगी

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में आवश्यकतानुसार आरओबी के दोनों ओर फुट ओवरब्रिज या सीढ़ियां बनाई जाएंगी। लोग रेलवे लाइन कैसे पार सकें, इसकी संभावनाओं का पता लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी को एक महीने में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
    
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला प्रश्नकाल के दौरान विधायक दीपक मंगला के प्रश्न का जवाब दे रहे थे। चौटाला ने बताया कि पलवल में कैलाश नगर और मोहन नगर में रेलवे लाइन पर एफओबी बनाने के लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करवाएंगे। वह विभागीय अधिकारियों को आदेश देंगे कि इस बारे में आगामी एक महीने में रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें।
                                                       
बेसहारा गायों की सुरक्षा के लिए बनेंगे गो-घर, पशु फाटक
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बेसहारा गायों की सुरक्षा के लिए गांवों में गो-घर व पशु फाटक बनाए जाएंगे। इनके निर्माण करवाने के निर्देश दे दिए हैं। उपमुख्यमंत्री विधानसभा में विधायक रेणु बाला के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गोशालाओं, पशु फाटक और गो अभ्यारण की स्थापना करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रदेश में गोशाला संघ के अधीन 541 पंजीकृत व 83 अपंजीकृत गोशालाएं हैं, जहां पर बेसहारा गायों को रखा जाता है। 2020-21 के दौरान गोशालाओं को 852.15 लाख रुपये की राशि अनुदान के तौर पर दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में गोशालाओं की स्थापना के लिए शामलात भूमि पट्टे पर देने के लिए पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) नियमावली, 1964 में प्रावधान किया गया है।
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दादी-नानी से पीछा छुड़ाओ, उपमंडल स्तर का अस्पताल दो : नैना

जजपा विधायक नैना चौटाला ने बाढड़ा पीएचसी को उपमंडल स्तर का अस्पताल बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उपमंडल स्तर के अस्पताल का दर्जा देने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है या नहीं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जवाब में कहा कि नहीं।

नैना ने बताया कि अगर बाढड़ा में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए तो उसे दादरी या भिवानी ले जाना पड़ता है। नैना ने दादरी को बाढड़ा की नानी और भिवानी को दादी बताते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बड़े अस्पताल के तर्ज पर अपग्रेड करने की मांग उठाई हैं। उन्होंने कहा कि बाढड़ा की निर्भरता नानी-दादी पर खत्म करो और मां यानि बाढड़ा को आत्मनिर्भर बनाओ।

उन्होंने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र करीब 115 गांवों का बड़ा हलका है। इसके बावजूद उसे स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं के लिए भिवानी व दादरी पर आत्मनिर्भर रहना पड़ता है। नानी व दादी की बात पर सदन में खूब ठहाके लगे। विज ने कहा कि पुनर्विचार करने के लिए विभाग को कहेंगे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जमालपुर में चिकित्सकों के रिहायशी मकानों की मरम्मत का कार्य प्रक्रियाधीन है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाएगा। नागरिक अस्पताल, मातनहेल के छह माह में संचालित होने की उम्मीद है।
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