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नई पहल: कोख में कन्या की हत्या रोकेंगे 'जासूस'

Mon, 02 Mar 2015 12:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए सरकार नई पहल करने जा रही है। अस्पतालों में जासूसी करवाने का प्लान है।
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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एमडीयू के टैगोर ऑडिटोरियम में न सिर्फ उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या पर चिंता जताई बल्कि प्रदेश के अस्पतालों में निगरानी के लिए प्राइवेट डिटेक्टिव हायर करने की बात कही।

उन्होंने कहा, वे प्रण लेते हैं कि प्रदेश में एक भी बेटी की गर्भ में हत्या नहीं होने देंगे। इसके लिए दोषियों को बिल्कुल नहीं छोड़ा जाएगा। जो लोग इस कार्य में लगे हैं वे इसे छोड़ दें और अपना कोई नया काम तलाश लें। 
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इस समय 1000 लड़कों पर 879 लड़कियां

एमडीयू में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन की गवर्निंग बॉडी की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा, प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या के कलंक मिटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की एक बैठक बुलाई है।

यह निश्चित है कि प्रदेश में एक भी बेटी को मरने नहीं दिया जाएगा। प्रदेश में हो रही कन्या भ्रूणहत्या एक कलंक है। हर वर्ष करीब 25 हजार बेटियां जन्म से पहले ही कोख में मार दी जाती हैं।

हमें एक वर्ष में 1000 लड़कों के अनुपात में 879 लड़कियों की संख्या को 979 तक लाकर इस कलंक को धोना है। उन्होंने कहा, पीजीआई के आपात विभाग में मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना सही नहीं है, इसके लिए वे अधिकारियों से बात करेंगे।
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शिशु मृत्यु दर पर जताई चिंता

एचएम ने शिशु मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में इसका प्रतिशत 41 व राष्ट्रीय स्तर पर 40 है। ऐसी स्थिति में हम स्वयं को विकसित व नंबर वन होने का दावा कैसे कर सकते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए व्यवस्थाओं व विचारों में सुधार लाने की जरूरत है।

सभी अस्पताल होंगे ऑनलाइन
स्वास्थ्य मंत्री विज ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। इससे मरीज के प्रदेश के किसी भी अस्पताल में इलाज के लिए केवल एक बार आने से उसका डाटा तैयार हो जाएगा, जिसमें मरीज की बीमारी, उसको दी गई दवाईयां और उस बीमारी से संबंधित टेस्ट रिपोर्ट्स की जानकारी होगी।

सिविल सर्जन को मिलेगा सम्मान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हर कार्यक्रम में उनके सिविल सर्जन को सामान्य व्यक्ति की तरह खडे़ होना पड़ता है। उन्हें वह मान-सम्मान नहीं मिल पाता, जिसके वे हकदार होते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में डीसी व एसपी के बाद सिविल सर्जन की अहमियत होती है, इस हक को वे दिलाएंगे।
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