पंचकूला, मोहाली के साथ लगते चंडीगढ़ के बार्डर पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे पुलिस ने सिर्फ दिखावे के लिए लगाए हैं। शहर के एंट्री प्वाइंट पर लगे सीसीटीवी कैमरे दिन में आने-जाने वाले वाहनों की रिकार्डिंग नहीं करते।
इसका कारण चंडीगढ़ पुलिस खुद ही दिन में इन सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग बंद कर देती है। इसके कारण अधिकतर गाड़ियां कैमरे में कैद नहीं हो पाती। बार्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरे सिर्फ रात को ही काम करते हैं।
रात दस से लेकर पांच बजे तक ही बार्डर पर लगे कैमरों में आने जाने वालों की रिकार्डिंग होती है। यहीं नहीं इन कैमरों की रिकार्डिंग सिर्फ 15 दिन रहती है। 15 दिन बाद अपने आप ही रिकार्डिंग डिलीट हो जाती है।
सीसीटीवी कैमरे आम लोगों को डराने के लिए
एंट्री प्वाइंट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रात के समय वाहन साफ तरह कैद नहीं हो पाते। इस कारण रात को अंधेरा होता है और दूसरी तरफ वाहन चालकों ने अपने वाहनों की लाइटें जलाई होती हैं।
वाहनों की लाइटें सीधी आगे लगती हैं तो कैमरों में वाहनों के नंबर नोट नहीं हो पाते। इसके चलते पुलिस ने एंट्री प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे आम लोगों को डराने के लिए लगाए हुए है।
पुलिस विभाग ने सुरक्षा के चलते 17 एंट्री प्वाइंट पर कुल 68 सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए है। सभी कैमरे पुलिस ने बाक्स के अंदर लगाए हुए है। जिनकी डायरेक्शन सिर्फ आने जाने वाले वाहनों को कैद करना है। पुलिस ने पंचकूला, मोहाली, नयागांव समेत अन्य एंट्री प्वाइंट पर कैमरे लगाए हुए है।
कोई अपराधी कैद नहीं हुआ कैमरों में
शहर में आए दिन तीन से लेकर चार वाहन चोरी होते हैं। वाहन चोर इन वाहनों को शहर से एंट्री प्वाइंट से होकर दूसरे राज्यों में जाते है, लेकिन आज तक एंट्री प्वाइंट पर लगे कैमरों से पुलिस यह भी पता नहीं लगा पाता की शहर से हुए चोरी हुई गाड़ी किस एंट्री प्वाइंट से गुजरी है। एंट्री प्वाइंट पर लगे कैमरे में अभी तक कोई भी अपराधी व उनके वाहन कैद नहीं हो सका।