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Sting Operation: 20 हजार में सौदा, व्हाट्सएप पर स्कैनर और बढ़े अंकों की मार्कशीट; दलालों के नेटवर्क का खुलासा

Sun, 31 May 2026 11:55 AM IST
Sharukh Khan छत्रधारी तुषार दत्त शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सीबीएसई 12वीं की कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के नाम पर खेल हो रहा है। अमर उजाला ने स्टिंग ऑपरेशन कर दलालों के नेटवर्क का खुलासा किया है। दलाल 20 हजार में सौदा तय करते हैं और व्हाट्सएप पर स्कैनर भेज देते हैं। इसके साथ ही बढ़े हुए अंकों की मार्कशीट भी दे दी जाती है।
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CBSE Revaluation Scam Exposed - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सीबीएसई 12वीं का परिणाम आने के बाद पुनर्मूल्यांकन के नाम पर नंबर बढ़वाने वाले दलालों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो गया है। ये जालसाज इन दिनों देशभर के शीर्ष विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए चल रही सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) के ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों के बाहर घूमकर सीधे अभिभावकों की अपना निशाना बना रहे हैं।
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20 हजार रुपये तक में बढ़े हुए नंबरों की मार्कशीट तुरंत आपके वाट्सएप पर भेज दे रहे हैं। यह मार्कशीट हुबहू सीबीएसई बोर्ड जैसी हो है। दलाल तो वेबसाइट पर भी नंबर चढ़वाने का दावा कर रहे हैं।

पुख्ता सूचना के बाद अमर उजाला के रिपोर्टर ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए कुछ दिनों पहले एक स्टिंग ऑपरेशन किया। मोहाली के सेक्टर-82 स्थित सीपूईटी परीक्षा केंद्र के बाहर मुस्तैद रिपोर्टर से खुद को सीबीएसई अधिकारी बताने वाले एक दलाल ने संपर्क किया। 
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उसने संवाददाता से बच्चे के नंबर बढ़वाने का सौदा किया। इसके बाद दलाल ने अमर उजाला के रिपोर्टर को बड़े हुए नंबरों की मार्कशीट व्हाट्सएप पर भेज दी। संदेह सही साबित होने पर जब बातचीत आगे बढ़ाई गई तो इस पूरे रैकेट के काम करने का चौंकाने वाला तरीका सामने आया।
 

ऐसे बुन रहे जाल
हैलो सर, मैं सीबीएसई से हूं, बच्चे के कितने अंक हैं

परीक्षा केंद्रों के बाहर सक्रिय यह दलाल खुद को सीबीएसई या शिक्षा मंत्रालय का कर्मचारी बताते हैं। अभिभावकों को झांसे में लेने के लिए इनका तय फॉर्मूला है- हेलो सर, में सीबीएसई से हूं। बच्चे के 12वीं में कितने अंक हैं? इस बार कॉपियां डिजिटल जांची गई है, इसलिए अच्छे बच्चों के भी नंबर कम आए हैं। अभी पुनर्मूल्यांकन का फॉर्म भरा जा रहा है, आप डिटेल दीजिए, नंबर बढ़वा देंगे। चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली समेत हरियाणा और हिमाचल के विभिन्न जिलों से परीक्षा केंद्र पहुंचे अभिभावक इस झांसे में आ रहे हैं। दलाल मौके पर नंबर ले लेते हैं और बाद में फोन पर सौदा तय करते हैं।
 

  • रिपोर्टर और दलाल के बीच बातचीत के अंश
  • दलाल: आपने फॉर्म भर दिया? 
  • रिपोर्टरः सर, साइट क्रैश हो रही थी, बेटी फॉर्म नहीं भर पाई।
  • दलाल: आपको एक बार फोन करना चाहिए था। आप बस मार्कशीट, रोल नंबर और ईमेल आईडी भेज दीजिए, सारा काम हम कर देंगे। 
  • रिपोर्टर: नंबर कब तक अपलोड होगा?
  • दलालः जल्द अपडेट होगा। 29 से फॉर्म जमा होने हैं, उसके बाद जैसे ही अपडेट होगा, आपको तुरंत भेजेंगे। सीयूईटी में भी कोई समस्या आएगी तो बताइएगा, वो भी करवा देंगे। 
  • रिपोर्टर: अच्छा

  • दलाल (कुछ देर बाद फोन पर): आपको एक क्यूआर कोड भेज रहा हूं, आप उस पर 20 हजार रुपये भेज दीजिए। 
  • रिपोर्टर: 20 हजार रुपये तो ज्यादा हैं।
  • दलाल: एक-दो नंबर नहीं, नंबर भी तो ज्यादा बढ़वाने है। 
  • रिपोर्टर: रहने दीजिए, हमें कोई नंबर नहीं बढ़वाना।
  • दलाल: अब तो हमने नंबर बढ़वा दिया, उसका क्या होगा? दिल्ली भेजना है। मैंने व्हाट्सएप पर स्कैनर और बदली हुई नई मार्कशीट भेज दी है, आप तुरंत 
  • पैसे डालिए। 
  • रिपोर्टर: इसके बाद वार्ता बंद।

दबाव बनाने का खेल
एडवांस में भेजी जा रही फर्जी मार्कशीट

जालसाज इतने शातिर हैं कि ये अभिभावकों से अंक पत्र, रोल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारियां हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वे सीबीएसई की हूबहू दिखने वाली फर्जी मार्कशीट की पीडीएफ तैयार कर वाट्सएप पर भेज देते हैं, ताकि अभिभावकों को भरोसा हो जाए। इसके बाद तुरंत क्यूआर कोड भेजकर 20 हजार रुपये की मांग की जाती है। यदि अभिभावक मना करे, तो वे यह कहकर दबाव बनाते हैं कि हमने तो दिल्ली बात करके नंबर बड़वा दिए हैं। अब पैसा तो देना ही होगा।
 

सीबीएसई की वेबसाइट या मार्कशीट के डेटा से कोई भी बाहरी व्यक्ति छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। व्हाट्सएप पर भेजी जा रही ऐसी मार्कशीट पूरी तरह फर्जी (फेक) हैं। अभिभावक इस ठगी का शिकार न हो। इस संबंध में सीबीएसई दिल्ली या लुधियाना में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर मामला पंचकूला रीजन का है और पैसा मांगने वाले का कोई क्यूआर कोड या फोन नंबर है तो उसे तुरंत सीबीएसई पंचकूला की वेबसाइट पर भेजें या हमें वाट्सएप करें। इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करवाएंगे।-राजेश कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई पंचकूला

 
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सावधान रहें... झासे में न आए
  • अंकों के सत्यापन, उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी और री-इवैल्यूएशन के लिए सीबीएसई को निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें।
  • पैसे मांगने वालों से सतर्क रहे: सीबीएसई का कोई अधिकारी या कर्मचारी नंबर बढ़ाने के बदले पैसे की मांग नहीं करता।
  • गोपनीय जानकारी साझा करेंः रोल नंबर, एडमिट कार्ड, बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें।
  • संदिग्ध कॉल और संदेशों की शिकायत करेंः धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
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