सीबीआई ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की नर्सिंग अधिकारी भर्ती के लिए आयोजित कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (एनओआरसीईटी-4) के लीक होने के मामले में रितू निवासी सोनीपत (हरियाणा) और मोहाली स्थित ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शिकायत एम्स के एसोसिएट डीन (परीक्षा) डॉ. नवल के विक्रम की तरफ से सीबीआई को दी गई थी। आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश रचने और आईटी एक्ट के तहत सीबीआई के दिल्ली कार्यालय में केस दर्ज किया गया है।
डॉ. नवल की तरफ से दी गई शिकायत में बताया कि एम्स की तरफ की तरफ 3 जून को एनओआरसीईटी-4 की भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। देश के सभी एम्स के लिए दिल्ली में केंद्र सरकार के चार अस्पतालों और देश भर में एनआईटीआरडी की तरफ से परीक्षा आयोजित करवाई गई थी। 5 जून की देर शाम कुछ ट्वीट वायरल हुए। इनमें पता चला कि 3 जून को सुबह के समय आयोजित की गई एनओआरसीईटी-4 का प्रश्नपत्र लीक हो गया था।
इस दौरान एक उम्मीदवार के स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। इसके बाद सारे स्क्रीनशॉट की जांच की गई। इसमें पता चला कि यह स्क्रीनशॉट रितू के हैं जिसने एनओआरसीईटी-4 की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया हुआ था। पड़ताल की गई तो आगे पता चला कि उसने प्राथमिकता के आधार पर सेंटर चुने थे, उसमें मोहाली और उत्तराखंड के दो सेंटर थे। एम्स की तरफ से उसे मोहाली का सेंटर अलॉट किया था।
आरोप है कि परीक्षा केंद्र में कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से आरोपी रितु द्वारा या उसकी ओर से अनुचित साधनों का उपयोग किया गया। परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र के कई फोटो और स्क्रीनशॉट वायरल होने की शिकायत की गई, जबकि परीक्षा केंद्रों में कैमरे या सेल फोन बंद थे। इसके बाद केस दर्ज हुआ है।