शाम को घर से थोड़ी दूरी पर दोस्तों संग बैठे होने पर युवक को हेरोइन तस्करी में फंसाने और पर्चा दर्ज करने की धमकी देकर 14 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने मलोया थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मियों और एक बिचौलिए पर केस दर्ज किया है। साथ ही सीबीआई ने बिचौलिए रजत को गिरफ्तार कर लिया है।
उधर, मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस विभाग ने आरोपी कांस्टेबल नसीब खान, कृष्ण मलिक और एसएचओ के ड्राइवर शिव को लाइन हाजिर कर जांच बैठा दी है। सीबीआई में दर्ज एफआईआर के अनुसार, मामला 15 जून की शाम का है। धनास के स्मॉल फ्लैट में रहने वाला दीपक शाम करीब 7 बजे घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर दोस्तों के साथ बैठा हुआ था। इस दौरान दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, जिन्हें देख दीपक वहां से भाग निकला।
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आरोप के मुताबिक, 10 मिनट बाद इलाके में ही रहने वाला रजत दीपक के पास आया और बोला कि पुलिस उसे मलोया के बीट बॉक्स में बुला रही है। इसके बाद दीपक बीट बॉक्स पहुंच गया। जहां कांस्टेबल नसीब खान और कृष्ण मलिक भी पहुंच गए और गालियां देने लगे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उस पर हेरोइन बेचने का पर्चा दर्ज करने की धमकी दे दी। इसके बाद रजत ने कहा कि 20 हजार दे दो, पुलिस तुमको छोड़ देगी। आरोप है कि इस दौरान उसकी जेब से पुलिस ने 4300 रुपये निकाल लिए और 300 रुपये वापस देकर रात करीब 10 बजे छोड़ दिया।
14 हजार में सौदा हुआ तय
आरोप है कि रजत ने दीपक को पुलिस से छुड़वाने के एवज में 14 हजार रुपये में डील तय की। 16 जून की सुबह करीब 10.03 बजे रजत का फोन दीपक साहनी के पास आया और वह बाकी के रिश्वत के पैसे मांगने लगा। परेशान होकर दीपक साहनी ने कांस्टेबल कृष्ण मलिक, नसीब खान और बिचौलिया रजत के खिलाफ मामले की शिकायत सीबीआई को दी। शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप लगाकर बिचौलिया रजत को गिरफ्तार कर लिया है जबकि पुलिस कर्मियों की शामिल होने की जांच कर रही है।