जांच में सामने आया है कि कई वर्षों तक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति ही नहीं मिली है और जो बांटी गई है वह भी गलत तरीके से बांटी गई है। हिमाचल प्रदेश में छात्रवृत्ति और शुल्क क्षतिपूर्ति के 250 करोड़ रुपये डकारने के पीछे मुख्य कारण यह रहा है कि यहां पर छात्रवृत्ति की रकम कॉलेज प्रबंध तंत्र के माध्यम से छात्रों को प्रदान की जाती है।
जिसमें प्रबंध तंत्र ने गोलमाल कर लिया। कागजों में छात्रवृत्ति का वितरण दिखा दिया, जबकि हरियाणा सरकार की ओर से छात्रवृत्ति की राशि प्रबंधन के स्थान पर विद्यार्थी के खातों में हस्तांतरित की जाती है।
कई घंटे तक खंगाले टीम ने संस्थान में दस्तावेज
सीबीआई की टीमों ने कई घंटों तक इन दो शिक्षा संस्थानों में दस्तावेज खंगाले हैं। इसके साथ ही टीम ने संस्थान के कंप्यूटरों का डाटा भी अपने कब्जे में लिया है। टीम सभी दस्तावेजों की जांच करेगी और उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।