चंडीगढ़ के पूर्व एसएसपी और जालंधर के पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चहल से चंडीगढ़ सीबीआई मुख्यालय में कथित भ्रष्टाचार और कदाचार के मामले में तीन घंटे पूछताछ की गई। चहल पर आरोप है कि चंडीगढ़ का एसएसपी रहते उन्होंने कथित रूप से भ्रष्टाचार और कदाचार किया।
पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित के चहल के खिलाफ शिकायत दी थी। इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की है। कुलदीप चहल शुक्रवार को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ सेक्टर 30 स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंचे और उनसे दो बजे तक पूछताछ की गई। अफसर ने बताया कि 2009 बैच के पंजाब कैडर के आईपीएस कुलदीप चहल चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर थे और उन्हें तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के 10 माह पहले पिछले साल दिसंबर में उनके मूल कैडर पंजाब वापस भेज दिया गया था।
राज्यपाल को लिखे पत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चहल की समय से पहले पंजाब वापसी और हरियाणा-कैडर के आईपीएस अधिकारी को कार्यभार सौंपने पर आश्चर्य व्यक्त किया था और कहा था कि इससे केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में राज्यों के कामकाज में संतुलन बिगड़ने वाला है। पुरोहित ने कहा था कि मान ने चहल की वापसी पर उन्हें लिखने से पहले "तथ्यों का पता नहीं लगाया"।
राज्यपाल ने कहा था कि अधिकारी के खिलाफ कदाचार की शिकायतें मिलने के बाद उन्हें उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया था। चहल को हटाने के अपने फैसले से 28 नवंबर को पंजाब के मुख्य सचिव को भी अवगत कराया। बता दें कि चहल चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत थे मगर इसी दौरान यूपीएससी की तैयारी की और परीक्षा उत्तीर्ण कर आईपीएस बन गए थे।