पांच लाख रुपये की रिश्वतखोरी में फंसीं मनीमाजरा थाने की सस्पेंड पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर के खिलाफ सीबीआई कोर्ट ने दोबारा गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक अगर जसविंदर कौर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बीते वीरवार को सीबीआई के सरकारी वकील केपी सिंह ने एक आवेदन दायर कर जसविंदर को गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग उठाई थी।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी तक गैर जमानती वारंट नहीं पहुंचाए जा सके क्योंकि काफी प्रयासों के बाद भी जसविंदर का पता नहीं लग पाया। पंचकूला, मोहाली, चंडीगढ़ और पंजाब में आरोपी को ढूंढने के लिए कई टीमें गईं, लेकिन वह नहीं मिली। ऐसे में कोर्ट से दोबारा गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई। इससे पहले 16 जुलाई को आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
पहले आवेदन में सीबीआई ने कहा था कि जसविंदर कौर को दो बार जांच में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन वह फरार हो गई। 29 जून को एसएचओ पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 7 और 7 ए के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मामले के मुताबिक मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि मनीमाजरा की थाना प्रभारी जसविंदर कौर ने धोखाधड़ी मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर मामले को सुलझाने के एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की है।
इसके बाद मामले की सूचना सीबीआई को दे दी गई। सूचना पर सीबीआई ने पहली किस्त के एक लाख रुपये की रिश्वत लेते बिचौलिए भगवान सिंह नामक शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया था, जोकि जसविंदर के कहने पर लिए गए थे। तब से जसविंदर कौर फरार चल रही है।