हरियाणा के संगठित अपराध के तौर पर गति पकड़ रहे नशे के धंधे को नष्ट करने के लिए सरकार ने नारकोटिक्स ब्यूरो को शक्तियां प्रदान की है। जल्द ही आधुनिक उपकरणों और हथियारों से ये ब्यूरो लैस नजर आएगा। गृह मंत्री अनिल विज ने ब्यूरो के अधिकारियों को नशे से सख्ती से निपटने के आदेश दिए हैं। यह आदेश उन्होंने यहां हुई समीक्षा बैठक में दिए।
इसका मुख्यालय मधुबन में प्रस्तावित किया गया है। इससे राज्य के सभी हिस्सों में आसानी से आवागमन हो सकता है। विज ने कहा कि प्रदेश में 17 स्थानों पर ब्यूरो की इकाइयां स्थापित की जाएगी, जो कि राज्य के प्रवेश मार्गों पर विशेष तौर पर ध्यान देगी। इस संबंध में अन्य आवश्यक विभागों से समुचित सहयोग लिया जाएगा।
गृहमंत्री ने कहा कि देश में नारकोटिक्स ब्यूरो स्थापित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। प्रदेश से नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए उन्होंने गृहमंत्री बनते ही नारकोटिक ब्यूरो बनाने की घोषणा की थी। इसके फलस्वरूप ब्यूरो का गठन किया गया है। ब्यूरो के सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें इस कार्य को करने में आसानी होगी।
इसके लिए उन्हें गाड़ियां, हथियार, बुलेट प्रूफ जैकेट, नाइट विजन कैमरे सहित अन्य आवश्यकतानुसार उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके साथ ही ब्यूरो में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय देने पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही ब्यूरो को और अधिक अक्त्रसमक बनाने के लिए अन्य प्रदेशों के संबंधित मॉडल का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।
380 पदों का सृजन किया
विज ने कहा कि ब्यूरो की सुचारु कार्यप्रणाली के लिए 380 पदों का सृजन किया गया है, जिनकी भर्ती शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने तक नियमित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें एक डीआईजी, 2 एसपी, 5 डीएसपी, तकनीकी स्टॉफ तथा अन्य आवश्यक स्टाफ शामिल होगा, जिनका प्रमुख अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो होगा।