दोनों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और मनीमाजरा थाने की सीसीटीवी फुटेज सीबीआई ने अदालत को सौंप दी थी। मामले में और खुलासे करने के लिए सीबीआई ने आरोपी भगवान सिंह का 8 दिन का रिमांड भी भी लिया था। सीबीआई ने कहा कि 30 जून को एसएचओ को फोन कर जांच में शामिल होने के लिए सेक्टर- 30 सीबीआई कार्यालय बुलाया गया।
कार्यालय न पहुंचने पर सीबीआई ने जीरकपुर स्थित निवास स्थान पर भी छापा मारा लेकिन वह नहीं मिली। वह जानबूझकर फरार हो गई। उसका फोन भी बंद है। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने नोटिस जारी कर जसविंदर के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे।
मामले के मुताबिक मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि मनीमाजरा की थाना प्रभारी जसविंदर कौर ने धोखाधड़ी मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर मामले को सुलझाने के एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की है। इसके बाद मामले की सूचना सीबीआई को दे दी गई। सूचना पर सीबीआई ने रिश्वत की दूसरी किस्त के एक लाख रुपये लेते हुए बिचौलिया भगवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।