चंडीगढ़। बैंक से 7.29 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में सीबीआई अदालत ने पंजाब स्टील स्क्रैप कारपोरेशन के मालिक परमिंदर सिंह को जांच में शामिल होने की शर्त पर अंतरिम जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि यदि आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ तो जमानत रद्द की जा सकती है।
बीते सोमवार को अदालत ने परमिंदर सिंह और अरविंद मशीन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमरिंदर सिंह गोरवारा को पेश होने के लिए 19 मार्च तक का समय दिया था। अदालत ने कहा था कि यदि यह दोनों पेश नहीं हुए तो उन्हें अगली सुनवाई पर भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। उसके बाद आरोपी ने अदालत से अंतरिम जमानत मांगी थी। अपनी याचिका में आरोपी ने कहा था कि मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। जमानत मिलने के बाद वह सुबूतों और गवाहों से कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे। वह जांच में सीबीआई को हर तरीके से सहयोग करेंगे।
बता दे कि इंडियन ओवरसीज बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक डीसी कार ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि डेराबस्सी स्थित अरविंद मशीन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमरिंदर सिंह गोरवारा, साहिल और दलजीत कौर ने बैंक के ही अधिकारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक से करोड़ों का लोन लिया था। आरोपियों में अमरिंदर सिंह गोरवारा, परमिंदर सिंह के अलावा आदर्श कुमार राजवंशी, सत्य कुमार, दलजीत कौर गोरवारा, साहिल गोरवारा, विजय कुमार और राज कुमार पांजला शामिल हैं।