शहर को कैशलेस बनाने से पहले इस समय बैंक कैशलेस हैं। घंटों कतार में लगने के बाद जितना पैसा चाहिए उतना पैसा नहीं मिल पाता है। बैंकों का कहना है कि कैश नहीं है। बैंक खाते में सैलरी आए दो दिन बीत चुके हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों के पर्स खाली हैं।
शुक्रवार को भी सारा दिन जिन एटीएम में पैसे थे उनके बाहर लंबी कतारें लगी थीं। हालांकि ज्यादातर सेक्टरों में एटीएम बंद ही मिले। दो दिनों से बैंक से सैलरी का पैसा निकालने की जद्दोजेहद कर रहे सुखविंदर सिंह ने बताया कि वह रोड ट्रांसपोर्ट विभाग में हैं। रोज बैंक आते हैं, कम से कम दो या तीन घंटे लाइन में लगते हैं। जब बैंक अधिकारियों से टोकन मांगा तो टोकन नहीं दिया।
सरकारी कर्मचारी रोहित ने बताया कि दो घंटे लगकर शुक्रवार को ऑफिस से छुट्टी लेकर ढाई हजार रुपये निकाले थे। आज फिर पैसे निकालने आए हैं। रोज रोज ऑफिस से दो-तीन घंटों की छु्ट्टी लेकर नहीं आया जा सकता। बैंक वालों से टोकन मांगा तो मना कर दिया। वह कहते हैं कि सिर्फ सीनियर सिटीजन को ही टोकन दिया जा रहा है।
यूटी पुलिस विभाग से रिटायर पवित्र सिंह ने बताया कि वह अपनी पेंशन का पैसा लेने आए थे। लेकिन दस हजार रुपये ही दिए। बैंक कह रहा है कि कैश नहीं है। जो मिल रहा है ले लो।