चंडीगढ़। भारतीय रेलवे के जींद में रेल लाइन पीस के चोरी होने के 15 वर्ष पुराने मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में एक ताजा मामला दर्ज किया है। इसमें रेलवे पैनल के क्षेत्रीय सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ दिल्ली) नितिन कुमार शिकायतकर्ता हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि उत्तरी कश्मीरी गेट के मुख्य कानूनी सलाहकार (कंस्ट्रक्शन) निहाल सिंह ने रेलवे के वकील को फर्जी दस्तावेज जमा करवाए ताकि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित चोरी के मामले में अपील केस वापस लिया जा सके। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
मामले में एसएसपी को लिखित शिकायत देने के बाद यह मामला दर्ज हुआ है। आरपी एक्ट की धारा 3 के तहत एसटी विभाग के तत्कालीन ईएसएम/जींद निहाल सिंह के खिलाफ जून, 2008 का यह मामला है। रेल लाइन पीस को चुराने के मामले में रेलवे पुलिस फोर्स, पोस्ट, जींद में मामला दर्ज हुआ था। जुलाई, 2013 में सीजेएम ने आरोपी निहाल सिंह को बरी कर दिया था। इससे पहले अगस्त, 2006 में उसे मुजफ्फर नगर की अदालत ने आरपी एक्ट की धारा 3 के तहत एक मामले में दोषी ठहराया था।
निहाल के कहने पर महिला वकील ने वापस ले लिया था केस
जून, 2008 के मामले में नितिन कुमार ने निहाल को सजा करवाने के लिए सीजेएम, जींद के अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। हालांकि, बाद में अधिकार क्षेत्र के आधार पर सितंबर, 2022 में रेलवे की ओर से महिला वकील ने उच्च न्यायालय से अपील केस वापस ले लिया। आरपीएफ को इसकी जानकारी नहीं दी गई। रेलवे ने महिला वकील से अपील वापस लेने के पीछे की जानकारी मांगी गई। उन्होंने आगे बताया कि उत्तरी रेलवे, कश्मीरी गेट की एपीओ (कंस्ट्रक्शन) रजनी कादियान और मुख्य कानूनी सलाहकार निहाल सिंह की तरफ से टेलीफोन पर इसके निर्देश मिले थे। इसके बाद निहाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।