चंडीगढ़। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने हिमाचल रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचआरटीसी) की बस दुर्घटना में मारे गए 9 लोगों के आश्रितों को तीन करोड़ 11 लाख 36 हजार 34 रुपये बतौर मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है। दो साल पहले अगस्त 2021 में किन्नौर जिले में यह हादसा उस समय हुआ, जब बस रिकांगपिओ के मोरंग से हरिद्वार जा रही थी।
मौसम खराब होने की वजह से बारिश के चलते रास्ते में जगह-जगह लैंड स्लाइड हो रही थी। बस जैसे ही पूह के निग्लुसारी के पास पहुंची तो हाईवे पर भूस्खलन होने की वजह से बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे थे। हाईवे पर एनएचएआई की तरफ से सड़क को चौड़ीकरण का कार्य किए जाने से फिसलन भी हो रही थी। चालक के बस को रोकते साथ ही पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर नीचे गिरता हुआ बस के टकराया। पत्थर की चपेट में बस सहित अन्य वाहन आए और सड़क का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। बस नीचे खड्ड में जा गिरी और उसमें सवार यात्रियों की मौत हो गई। हादसे में महिला प्रेम कुमारी (42), राकेश कुमार (37), संतोष कुमारी (46), नतीषा (22), मीरा देवी (41), मेहर चंद (34), सूर्या वंसी (32), हुक्म राम (57) और भूपिंदर सिंह (29) की मौत हुई थी। हादसे में मारे गए सभी लोगों के परिवार वालों ने मुआवजे की अपील के लिए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) चंडीगढ़ में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने एचआरटीसी, बस चालक और नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) को भी पार्टी बनाया था। ट्रिब्यूनल ने मृतक के परिवारों को उक्त मुआवजा राशि देने के आदेश दिए हैं।
इनकी ओर से दायर की गई थी याचिका
मृतका प्रेम कुमारी के पति सनम गियाछो, राकेश कुमार की पत्नी निर्मला कुमारी, संतोष कुमारी के पति रमेश चंद्र, नतीषा के पिता प्रीतम सिंह, मीरा देवी के पति चंद्र प्रकाश, मेहर चंद की पत्नी अनिता देवी, सूर्या वंसी की मां गंगा देवी, हुक्म राम की पत्नी डाला मनी और भूपिंदर सिंह की पत्नी चंद्रकांता ने ट्रिब्यूनल में याचिका लगाई थी।
मृतक मुआवजा राशि
प्रेम कुमारी- 25 लाख 71 हजार 800
राकेश कुमार- 79लाख 95 हजार 585
संतोष कुमारी- 94 लाख 94 हजार 749
नतीषा- 23 लाख 89 हजार
मीरा देवी- 20 लाख 57 हजार
मेहर चंद- 20 लाख 23 हजार 400
सूर्या वंसी- 13 लाख 30 हजार 600
हुक्म राम- 10 लख 10 हजार 900
भूपिंदर सिंह- 22 लाख 63 हजार