कैंसर पीड़ित की सड़क हादसे में मौत दिखाकर रुपये ऐंठने के मामले में एसटीएफ की जांच में अहम जानकारी सामने आई है। सड़क हादसे में मौत के बाद किसी भी सिविल अस्पताल का डॉक्टर सिर में चोट लगने के कारण ही मौत दर्शाता था। उधर सिविल अस्पताल के तीन और डॉक्टर पुलिस के राडार पर हैं। एसटीएफ ने फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी।
रोहतक, सोनीपत और हिसार में तीन कैंसर पीड़ित की मौत के मामले में एसटीएफ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी तो सामने आया कि तीनों रिपोर्ट में सिर में चोट लगने की वजह से मौत दर्शाई गई है। जबकि सड़क हादसे में पैर या फिर शरीर के अन्य अंग पर भी चोट के निशान जरूर होते हैं। उधर गिरोह के सरगना पवन ने भी डॉक्टरों द्वारा सिर में ही चोट दर्शाने की बात स्वीकार की है।
इसके अलावा जांच में सामने आया है कि पुलिस जांच अधिकारी दर्ज रिपोर्ट में यह कहते थे कि अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल की मौत हुई है। ताकि कोई अन्य भी जांच करें तो वाहन चालक के अज्ञात होने के कारण आगे कोई कार्रवाई न कर सके। डीएसपी शमशेर सिंह का कहना है कि हादसे की कहानी को सोनीपत की पुलिस चौकी पर तैनात हवलदार ही अन्य आईओ को सलाह देकर बताता था। इसके बाद अन्य जिलों के आईओ सोनीपत के हवलदार के बताए अनुसार ही रिपोर्ट दर्ज करते थे।