चंडीगढ़। हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के रहने वाले सैनिक बलवंत सिंह और उसकी पत्नी संत्रा देवी समेत चार लोगों के खिलाफ 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और धमकी देने का मामला सामने आया है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-22ए निवासी शिकायतकर्ता अभिषेक तक्षक ने बताया कि उसका भाई अभिनव तक्षक महेंद्रगढ़ (हरियाणा) में रहता है। उसकी शादी बलवंत सिंह की बेटी उषा सहरावत से हुई है। वर्ष 2018 में बलवंत सिंह ने उनके पिता बलवंत तक्षक को बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने एक्स-सर्विसमैन कोटे में एक पेट्रोल पंप के लिए आवेदन मांगे हैं। बलवंत सिंह ने कहा कि वह पंप के लिए योग्य तो है, लेकिन निवेश के लिए पैसा नहीं है।
बलवंत सिंह और उसकी पत्नी ने पेट्रोल पंप को मुनाफे का सौदा बताते हुए तीन साल की अवधि में एक करोड़ रुपये निवेश करने का आग्रह किया। उनके पिता ने पहले इन्कार किया, लेकिन बाद में रिश्तों पर भरोसा कर 86 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में बलवंत सिंह को दे दिए।
जमीन भी लीज पर दी, हिसाब मांगने पर नाराजगी
शिकायत में कहा गया है कि पहले बलवंत सिंह ने उनके गांव सिरोहिभाली की ज़मीन 30 साल की लीज़ पर मांगी, जिस पर सहमति के बाद 9,000 रुपये महीने के किराए पर लीज़ डीड कर दी गई। बाद में जब यह जमीन सरकार की ओर से अधिगृहीत कर ली गई तो दूसरी ज़मीन 18,000 रुपये प्रतिमाह की दर से लीज़ पर लेकर दी गई। इसके बाद बलवंत सिंह को 25 लाख बैंक ट्रांसफर के जरिए दिए गए। फिर साल 2022 में 15 लाख और 18 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद जब 23 लाख रुपये और मांगे गए तो उनके पिता ने हिसाब मांगा, जिस पर बलवंत सिंह नाराज हो गए।
इसके बाद बलवंत सिंह के साले राजा राम ने गारंटी दी और 23 लाख की और रकम दिलवाई। पेट्रोल पंप सैनिक फिलिंग स्टेशन के नाम से शुरू हो गया, लेकिन साझेदारी या किसी भी प्रकार की गारंटी से जुड़े दस्तावेज कभी भी नहीं दिए गए। बलवंत सिंह ने 49 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की बात की, लेकिन शर्त रखी कि बैंक का 25 लाख का लोन पहले अदा किया जाए। इसके लिए शिकायतकर्ता के पिता ने 10 लाख रुपये नकद दिए और 15.60 लाख रुपये बलवंत सिंह ने पेट्रोल पंप के खातों से निकाले। इसके बावजूद न तो कोई साझेदारी पत्र तैयार किया गया और न ही पैसा लौटाया गया। उल्टा जब कागज मांगे गए तो उनके परिवार को धमकाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बलवंत सिंह, उसकी पत्नी संतरा देवी, राजा राम और नवल ने मिलकर सोची-समझी साजिश के तहत यह धोखाधड़ी की है और उनके पिता से 86 लाख ठगे हैं।