हरियाणा के रतिया के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन एक कॉलोनी की विवाहिता ने ससुरालजनों पर जबरन धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने, पिटाई करने और घर से बाहर निकालने के आरोप लगाए हैं। सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश भी मौके पर पहुंचे और महिला के बयान दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया है।
दूसरी ओर मामले की सूचना मिलने पर कई संगठनों के पदाधिकारी सरकारी अस्पताल में पहुंचे और महिला को मामले में न्याय दिलवाने का विश्वास दिलाते हुए प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की। संगठनों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर मामले में ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो मामले में आंदोलन भी करेंगे। पुलिस में दी शिकायत में विवाहिता ने बताया कि उसका मायका पंजाब के सरदूलगढ़ में है तथा लगभग 2 वर्ष पूर्व एक कॉलोनी के युवक के साथ उसकी शादी हुई थी।
अभी दो माह पूर्व उसने एक बेटी को जन्म दिया है। पिटाई के निशान दिखाते हुए विवाहिता ने बताया कि ससुरालजन लगातार उस पर शादी के बाद से ही धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं। ससुराल के बाकी लोगों ने धर्म परिवर्तन कर लिया है तथा उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उसने कहा कि जब वह गर्भवती थी तो धर्म परिवर्तन नहीं करने पर उसकी पिटाई की जाती थी।
जब लड़की हो गई तो ससुराल के लोगों ने उसकी पिटाई की तथा कहा कि अगर धर्म परिवर्तन कर लेती तो लड़की की बजाय लड़का होता। अस्पताल में छोटी बच्ची के साथ दाखिल विवाहिता ने कहा कि उसे लड़की सहित मारपीट करके घर से बाहर निकाल दिया गया। इस बारे में शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि शिकायत मिली है और इस संदर्भ में उच्चाधिकारियों के लगातार संपर्क में बने हुए हैं। महिला के बयान दर्ज कर लिए हैं। चूंकि मामला काफी संवेदनशील है, ऐसे में उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन के बाद कार्यवाही की जाएगी।