चंडीगढ़। पुलिस ने यूटी खेल विभाग के क्लर्क वकुल राणा के खिलाफ सरकारी धन का गबन करने का मामला दर्ज किया है। उन पर बिलों और दस्तावेजों में हेराफेरी कर 3.91 लाख रुपये के सरकारी फंड का गबन करने का आरोप है। पुलिस ने सेक्टर-36 पुलिस थाने में मामला दर्ज किया है, हालांकि अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
खेल विभाग के बिजली और पानी के बिलों से संबंधित भुगतानों के नियमित ऑडिट के दौरान इस घोटाले का पता चला। नवंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच कुल 8,23,717 रुपये की रसीदें एकत्र की गईं लेकिन इसमें से सिर्फ 4,32,700 रुपये ही यूटी के केंद्रीय खजाने में जमा किए गए। इस तरह 3,91,017 रुपये की कमी पाई गई।
सेक्टर-47 के निवासी वकुल राणा को कैशियर के कार्यकाल से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया था। इसके जवाब में राणा ने किस्तों में पूरी 3,91,017 रुपये की राशि जमा कर दी। वित्तीय रिकॉर्ड की आगे की जांच से पता चला कि कुछ बिजली और पानी के बिलों का भुगतान धोखाधड़ी से राणा के निजी बैंक खाते में जमा किया गया था।
दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर
जांच में पता चला कि राणा ने बिलों, मंजूरी आदेशों और अन्य संबंधित दस्तावेजों में जालसाजी की थी जिसमें जाली दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर करना भी शामिल था। पूछताछ में राणा ने दावा किया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मंजूरी ली थी। हालांकि, कार्यालय के रिकॉर्ड में ऐसा कोई अनुमोदन नहीं मिला।जब अधिकारियों ने राणा को विसंगतियों के बारे में बताया तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली और भुगतान की रसीदें जमा करने का आश्वासन दिया। इसके तुरंत बाद, वह किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को सूचित किए बिना कार्यालय से भाग गए।