फिरोजपुर से शिअद सांसद शेर सिंह घुबाया पर चुनाव का केस चलेगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लोकसभा चुनाव को चुनौती देती याचिका में मुख्य मुद्दे तय कर दिए हैं।
अगली सुनवाई सात जनवरी को होगी। अब घुबाया को राजनीति के लिए धर्म का सहारा लेने और चुनाव खर्च संबंधी गलत शपथ पत्र देने के मामले में साबित करना होगा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया।
चुनाव याचिका पर घुबाया कह चुके हैं कि वह मोदी की बठिंडा रैली में जरूर गए थे, लेकिन उन्होंने खर्च नहीं किया। याचिका में मोदी की रैली में घुबाया पर खर्च छिपाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान चैनलों पर जारी विज्ञापनों में सिख धर्म के प्रतीक एवं राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल करने का भी आरोप है।
एडवोकेट सुरजीत सिंह सवैच के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल करना संविधान का उल्लंघन है, लिहाजा घुबाया की लोकसभा सदस्यता रद्द की जाए।
घुबाया ने जवाब में कहा था कि न ही विज्ञापन उनकी मर्जी से जारी हुआ और न ही उन्होंने मोदी की रैली में खर्च किया। याचिकाकर्ता ने घुबाया के जवाब पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि घुबाया शिअद के सरगर्म सदस्य और सिटिंग एमपी थे और चुनाव केदौरान उनकी मर्जी के बगैर विज्ञापन जारी होना संभव नहीं था।