उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। पिता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मैं मीडिया में अधिक जानकारी नहीं देना चाहता। मेरी जानकारी से मेरे बेटे की सुरक्षा को किसी तरह का खतरा हो सकता है। कंपनी ने एक हेल्पलाइन नंबर भी परिवार के लोगों को दिया है। जिस पर परिवार के लोग बीच-बीच में जहाज को छुड़ाए जाने को लेकर पूछताछ करते रहते हैं।
बेटे की चिंता में रात को नींद नहीं आती
जहाज के अपहरण की खबर के बाद जय सिंह की माता सुमन देवी, पिता सुरेंद्र व छोटी बहन दु:खी हैं। सुमन ने खाना ही कम कर दिया है। रात भर बेटे की सलामती के लिए दुआ करती रहती हैं। जय सिंह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र है। करीब 25 वर्षीय जय सिंह अविवाहित है। छोटी बहन बीएससी में पढ़ रही है। सुरेंद्र सिंह गांव में खेतीबाड़ी का काम करते हैं। वह गांव के पंच रह चुके हैं।
सुरेंद्र सिंह ने बताया अपहरण के करीब पांच घंटे पहले ही जय सिंह ने उनको कॉल किया था। इस दौरान पिता को मां का ख्याल रखने के लिए कहा था। साथ छोटी बहन को मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही थी। लगभग 15 से 20 मिनट तक उसकी परिवार वालों से बातचीत हुई थी। जय सिंह ने कहा कि मैं ठीक हूं।
भारत सरकार पर भरोसा
परिवार को भारत सरकार एवं कंपनी पर पूरा भरोसा है। जय सिंह के पिता सुरेंद्र ने कहा जहाज को छुड़वाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। सोमवार को उनके घर पर दिल्ली से भारत सरकार के कर्मचारी आए थे। उन्होंने भी यही आश्वासन दिया कि भारत सरकार मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। इस पर लगातार अपना काम कर रही है।
सुरक्षा के लिहाज से मीडिया से दूरी
परिवार के लोगों ने कहा कि वह मीडिया में अधिक जानकारी नहीं देना चाहते। अगर ऐसा करेंगे तो उनके बेटे को टार्चर किया जा सकता है। बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कंपनी की ओर से भी यही कहा गया है कि इस बारे में मीडिया में न जाएं। ऐसा करने से अपहृत लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।