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पटियालाः तख्तूमाजरा पहुंचे बिक्रम मजीठिया और दलजीत चीमा, विधायक पर केस दर्ज करने की मांग

Tue, 10 Dec 2019 01:30 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला/राजपुरा (पंजाब)
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तख्तूमाजरा पहुंचे बिक्रम मजीठिया और डॉ. दलजीत सिंह चीमा। - फोटो : अमर उजाला
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राजपुरा के गांव तख्तूमाजरा के कांग्रेसी सरपंच पर जानलेवा हमले का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। सोमवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और डॉ. दलजीत सिंह चीमा गांव तख्तूमाजरा में पीड़ित परिवार के घर अफसोस जताने पहुंचे। दरअसल सरपंच पर हमले के आरोप में नामजद आरोपियों में से एक की पत्नी बीबी जगीर कौर की मौत हो गई है। इस मौके पर दोनों पूर्व मंत्रियों ने महिला की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए घन्नौर के विधायक मदन लाल जलालपुर पर कत्ल का केस दर्ज करने की मांग की।

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मजीठिया और चीमा ने आरोप लगाया कि जलालपुर की शह और दबाव में आकर ही पुलिस ने 42 व्यक्तियों के खिलाफ सरपंच पर हमले के मामले में केस दर्ज किया है, जो नाजायज है। आरोपियों में से एक की पत्नी बीबी जगीर कौर की मौत समय से इलाज न मिलने के कारण हो गई। उसके घर में कोई नहीं था। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है और यह कत्ल है। 

इस कत्ल के लिए जलालपुर के खिलाफ पर्चा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में लाउडस्पीकर लगाकर धमकियां दी जा रही हैं कि कोई भी पीड़ित परिवार से संपर्क न रखे। उनके जानवर खोल दिए गए हैं और खेतों में फसलों को तबाह कर दिया गया है। यह सब कांग्रेस की शह पर हो रहा है।

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उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीएम के अपने जिले व उनकी पत्नी के संसदीय क्षेत्र में ही कानून-व्यवस्था कांग्रेसियों ने अपने हाथों में ले रखी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 11 दिसंबर तक पटियाला पुलिस ने नाजायज पर्चा रद्द न किया और मामले के असली आरोपियों की गिरफ्तारी न की तो संघर्ष का एलान किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी, तो मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। 

मजीठिया व चीमा को दिखाईं काली झंडियां
पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और डॉ. दलजीत सिंह चीमा जब गांव तख्तूमाजरा पहुंचे तो दोनों नेताओं को ग्रामीणों ने काली झंडियां दिखाईं। दोनों नेताओं ने इस पर कहा कि अगर वह एक महिला की मौत का अफसोस करने आए तो इसमें क्या गलत है।

गांव के सरपंच हरंसगत सिंह ने बताया कि गांव के इस परिवार में पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं पर उस समय मजीठिया या अन्य कोई अकाली नेता दुख प्रगट करने नहीं आया। जिन लोगों ने उन पर हमला किया था, उनको बचाने के लिए व पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए यह घटिया राजनीति हो रही है। जिस महिला की मौत हुई है वह पिछले कुछ साल से बीमार थी और उसका सरकारी अस्पताल पटियाला में इलाज चल रहा था। अकाली नेता जो विधायक मदन लाल जलालपुर पर आरोप लगा रहे हैं, वह बेबुनियाद है। जिन लोगों ने मुझ पर जानलेवा हमला किया था पुलिस ने उन पर कानून मुताबिक कार्रवाई की है।
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